पटना, चार अगस्त (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मंगलवार को कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उनकी जीत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘अहंकार’ की हार है।
उन्होंने कहा कि उन्हें सभी 422 मतदान केंद्रों पर बढ़त मिली, जो इस बात का प्रमाण है कि समाज के हर वर्ग ने उनका समर्थन किया।
बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अप्रैल में राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद रिक्त हुई थी। हाल ही में इस सीट पर उपचुनाव कराया गया और परिणाम सोमवार को घोषित किए गए, जिसमें किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19 हजार से अधिक मतों से हराया।
किशोर ने पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘मुझे सभी 422 मतदान केंद्रों पर बढ़त मिली। यह इस बात का प्रमाण है कि समाज के हर वर्ग के लोगों ने मुझे वोट दिया। जो लोग मेरी जीत का श्रेय किसी एक सामाजिक वर्ग को दे रहे हैं, उनके अपने कारण हो सकते हैं। मेरी धारणा ऐसी नहीं है।’
किशोर ने कहा कि चुनाव रणनीतिकार के रूप में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, नीतीश कुमार, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल जैसे विभिन्न नेताओं के साथ काम किया है, लेकिन बांकीपुर की जनता ने उन्हें प्रत्यक्ष समर्थन देकर नयी जिम्मेदारी सौंपी है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य की जनता उन्हें ‘‘राजद शासन के जंगलराज को वापस लाने की भाजपा की कोशिश’’ के रूप में देखती है।
चौधरी के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख के बारे में पूछे जाने पर किशोर ने कहा, ‘‘मैं आज भी अपनी बात पर कायम हूं कि सम्राट चौधरी को पद पर नहीं रहना चाहिए। यही बिहार की आम जनता की भावना है। बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों ने इसे साबित कर दिया है। मुझे सम्राट चौधरी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन बिहार एक ऐसा मुख्यमंत्री चाहता है जो काफी शिक्षित हो और जिसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला न हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि मैंने हाल के दिनों में ही सम्राट चौधरी की आपराधिक पृष्ठभूमि, उनकी शैक्षणिक योग्यता और जन्मतिथि को लेकर उनके विरोधाभासी बयानों का मुद्दा उठाना शुरू किया है। मैं विधानसभा चुनाव से भी पहले से इन विषयों पर बोलता रहा हूं।’’
किशोर ने आरोप लगाया, ‘‘हकीकत यह है कि लोगों को उनमें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के जंगलराज की झलक दिखाई देती है। सत्ता में आने के बाद से उनका व्यवहार पूरी तरह बदल गया है। जनता दल यूनाइटेड ( जदयू ) के अध्यक्ष नीतीश कुमार 20 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे, लेकिन किसी ने उन्हें यह कहते नहीं सुना कि किसी खास रंग का गमछा पहनने वालों को पुलिस मार डालेगी।’’
किशोर का इशारा चौधरी के इस विवादित बयान की ओर था कि ‘‘हरे गमछे’’ वाले लोगों की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। माना गया कि इस बयान के जरिये चौधरी का इशारा राजद कार्यकर्ताओं की ओर था।
किशोर ने कहा, ‘‘इस तरह की भाषा सम्राट चौधरी के चरित्र को दर्शाती है और यह भी पता चलता है कि उनकी राजनीतिक परवरिश राजद में हुई है।”
किशोर ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, ‘‘बिहार के हर निवासी की तरह मुझे भी तब गर्व होता है जब बिहार का कोई बेटा बड़ी उपलब्धि हासिल करता है। इसलिए नितिन नवीन का भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना मेरे लिए भी गर्व की बात थी। लोगों ने देखा होगा कि चुनाव प्रचार के दौरान मैंने उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की।’’
किशोर ने कहा, ‘मैंने कभी यह नहीं कहा कि नवीन ने विधायक के रूप में अच्छा काम नहीं किया, लेकिन लोग भाजपा के उस अहंकार से आहत थे। यह अहंकार इस तरह के बयानों में झलकता है कि भाजपा के टिकट पर बिल्ली या कुत्ता भी बांकीपुर से चुनाव जीत सकता है।’
उनका इशारा पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद की कथित टिप्पणी की ओर था। हालांकि, उपचुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद से रविशंकर प्रसाद ऐसे किसी बयान से लगातार इनकार करते रहे हैं।
भाषा कैलाश जोहेब
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