दुर्ग। Hemchand Yadav University हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप पर एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी की तनख्वाह का बड़ा हिस्सा कथित तौर पर अपने बेटे के खाते में ट्रांसफर कराने का गंभीर आरोप लगा है। महिला कर्मचारी की शिकायत और विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर मोहन नगर थाना पुलिस ने कुलसचिव के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
Hemchand Yadav University पीड़िता शुभांगी मराठे विश्वविद्यालय में अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें कलेक्टर दर के अनुसार करीब 11,515 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता था। आरोप है कि वेतन खाते में आने के बाद कुलसचिव कथित तौर पर महिला पर दबाव बनाकर एक से तीन दिन के भीतर रकम का अधिकांश हिस्सा फोनपे और पेटीएम के माध्यम से अपने बेटे उदयप्रताप कुलदीप के खाते में ट्रांसफर करवाते थे। महिला के पास घर का खर्च चलाने के लिए करीब 2,200 रुपए ही बचते थे।
मामले की जांच के लिए कुलपति के निर्देश पर तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति ने महिला के बैंक स्टेटमेंट के साथ करीब 35 पन्नों के डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड की जांच की। जांच रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2025 से जुलाई 2026 के बीच महिला को कुल 1 लाख 77 हजार 137 रुपए वेतन प्राप्त हुआ। इनमें से 1 लाख 49 हजार 385 रुपए कथित तौर पर कुलसचिव के बेटे के खाते में ट्रांसफर किए गए। जांच समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों और लेन-देन के रिकॉर्ड के आधार पर लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के बाद पुलिस कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ।
महिला कर्मचारी ने कुलसचिव पर नौकरी से निकालने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा आरोप है कि उससे अपने घर पर खाना भी बनवाया जाता था। मामले की जांच के दौरान इन आरोपों के साथ-साथ बैंक खातों और डिजिटल भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड को भी समिति ने जांच के दायरे में रखा। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मोहन नगर थाना पुलिस ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप के खिलाफ BNS की धारा 316 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया गया। फिलहाल मामला विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस जांच के दायरे में है। जांच में सामने आए बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड और महिला द्वारा लगाए गए आरोप इस पूरे प्रकरण में अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं।
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