पटना, सात सितंबर (भाषा) बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और तत्काल 5,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
तेजस्वी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि ‘‘आर्थिक रूप से दिवालिया’’ बिहार सरकार बाढ़ से निपटने के लिए राहत, बचाव, शमन और अनुकूलन उपायों को लागू करने में लगातार विफल रही है तथा बाढ़ पीड़ितों की सहायता के प्रति उदासीन बनी हुई है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता ने प्रदेश की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों को ‘‘अपर्याप्त’’ बताते हुए कहा कि बिहार के मंत्री, राज्य से निर्वाचित राजग के केंद्रीय मंत्री और सांसद इस आपदा के सामने ‘‘बेबस, अप्रभावी और अक्षम’’ नजर आ रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘वे न तो केंद्र सरकार से भीषण बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करा सके हैं और न ही बिहार के लिए विशेष राहत एवं सहायता पैकेज की प्रभावी ढंग से मांग कर पाए हैं।’’
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य की आकस्मिकता निधि और अन्य वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल नियमित सरकारी खर्चों में किया गया, जिसके कारण मौजूदा आपदा के दौरान राहत कार्यों के लिए धन की गंभीर कमी पैदा हो गई है।
उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार की वित्तीय स्थिति, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और आकस्मिकता निधि के लेन-देन की स्वतंत्र समीक्षा कराने या नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से इसकी जांच कराने की मांग की।
राजद नेता ने बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त बचाव नौकाएं, भोजन, पेयजल, दवाएं, पशुओं के लिए चारा, अस्थायी आश्रय और कमजोर वर्गों के लिए विशेष आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बाढ़ राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना तथा वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की सहायता ली जानी चाहिए।
अपने पत्र में तेजस्वी ने कहा कि नदी और तटबंध प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था, जलाशयों के पुनर्जीवन, आधुनिक बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली, प्रभावी जल प्रबंधन नीति और पड़ोसी देशों के साथ बेहतर समन्वय को शामिल करते हुए दीर्घकालिक बाढ़ सहनशीलता मिशन शुरू किया जाना चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करने और मानवीय एवं राष्ट्रीय दायित्व के तहत राज्य को विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
भाषा
कैलाश रवि कांत