बिहार में नीट पेपर लीक को लेकर बंद के दौरान झड़पें, तेजस्वी ने सीवान में पुलिस गोलीबारी का आरोप लगाया

बिहार में नीट पेपर लीक को लेकर बंद के दौरान झड़पें, तेजस्वी ने सीवान में पुलिस गोलीबारी का आरोप लगाया

बिहार में नीट पेपर लीक को लेकर बंद के दौरान झड़पें, तेजस्वी ने सीवान में पुलिस गोलीबारी का आरोप लगाया
Modified Date: July 25, 2026 / 10:56 pm IST
Published Date: July 25, 2026 10:56 pm IST

पटना, 25 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को बिहार बंद के समर्थन में वामपंथी छात्र संगठनों ने राज्यभर में प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर हिंसा भी हुई।

पुलिस के अनुसार, पटना, सारण, सीवान, औरंगाबाद और भागलपुर में बंद के दौरान हिंसा हुई, जबकि समस्तीपुर, नवादा और नालंदा में प्रदर्शन मुख्य रूप से शांतिपूर्ण रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य के सभी जिलों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सीवान जिले में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई। उन्होंने इस घटना के लिये मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की निंदा की।

यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कथित घटना का एक वीडियो साझा करते हुए कहा, “सीवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर एके-47 से सीधे गोलीबारी की। जब कोई अपराधी… मुख्यमंत्री बन जाता है तो पुलिस निर्दोष छात्रों पर गोलियां चलाती है…।”

हालांकि, अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाए जाने की पुष्टि नहीं की है। ‘पीटीआई भाषा’ इस वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।

यह प्रदर्शन जिले के जेपी चौक पर आयोजित किया गया था।

प्रदर्शन में मौजूद पूर्व विधायक और भाकपा (माले) नेता अमरजीत कुशवाहा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने ‘‘बर्बर कार्रवाई’’ की और महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया।

हिंसा की घटनाओं के संबंध में पुलिस अधीक्षक पूरन चंद्र झा ने कहा, ‘‘हमने घटना की वीडियोग्राफी कराई है और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के तीन समूह थे, जिनमें से केवल एक को प्रदर्शन की अनुमति मिली थी। वे गांधी मैदान के पास आपस में भिड़ गए, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।’’

प्रदर्शनकारियों ने राज्य की राजधानी के डाक बंगला चौराहे पर पुलिस के साथ झड़प की और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिसके बाद कई छात्रों को हिरासत में ले लिया गया।

पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय के शर्मा ने कहा, ‘‘उन्होंने हम पर पथराव किया। उन्होंने बैरिकेड तोड़ने की भी कोशिश की। हमने कई छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस हाई अलर्ट पर है। हम उपद्रवियों का पता लगाएंगे और उनके ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करेंगे।”

विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर देसी बम फेंके जाने के दावों के बीच, पुलिस अधिकारी ने कहा कि इन दावों की जांच की जा रही है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में पटना के राम गुलाम चौक पहुंचे, जहां बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में बुलाया गया बंद सारण जिले के छपरा में हिंसक हो गया, जहां छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, एक सरकारी वाहन में आग लगा दी और कई अन्य गाड़ियों में तोड़-फोड़ की।

पुलिस ने बताया कि औरंगाबाद जिले में भी विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई, जिसमें प्रदर्शनकारियों के हमले में दो पुलिस अधिकारी और एक पत्रकार घायल हो गए। पुलिस ने यह भी कहा कि पत्थरबाजी में शामिल होने के आरोप में एक दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

भाषा

शुभम प्रशांत

प्रशांत


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