पटना मेट्रो सुरंग निर्माण के दौरान इमारतों में आई दरारों की प्राथमिकता से जांच होगी: उपमुख्यमंत्री

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पटना मेट्रो सुरंग निर्माण के दौरान इमारतों में आई दरारों की प्राथमिकता से जांच होगी: उपमुख्यमंत्री

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 06:10 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 06:10 PM IST

पटना, 26 फरवरी (भाषा) बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बृहस्पतिवार को विधानसभा को आश्वस्त किया कि पटना मेट्रो परियोजना के तहत अशोक राजपथ पर सुरंग निर्माण कार्य के दौरान कई इमारतों में आई दरारों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कराई जाएगी।

अशोक राजपथ क्षेत्र में कई संरचनाओं में दरारें देखी गई हैं, जिनमें पटना विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठित ‘व्हीलर सीनेट हाउस’ इमारत भी शामिल है।

प्रवेश द्वार पर डोरिक स्तंभों के लिए प्रसिद्ध इस भवन का उद्घाटन 20 मार्च 1926 को तत्कालीन बिहार एवं उड़ीसा प्रांत के गवर्नर और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सर हेनरी व्हीलर ने किया था। बाद में इसका नाम बदलकर ‘जयप्रकाश नारायण अनुशद भवन’ कर दिया गया।

नगर विकास एवं आवास विभाग का प्रभार संभाल रहे सिन्हा ने कहा कि 18 फरवरी को मेट्रो सुरंग निर्माण कार्य में लगी कंपनियों के प्रतिनिधियों, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों तथा अन्य अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया था।

उन्होंने प्रश्न के उत्तर में कहा, “निरीक्षण में पाया गया कि दरारों की चौड़ाई में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। यह सही है कि क्षेत्र की कुछ इमारतों में दरारें आई हैं। विभाग उनकी एक बार फिर से जांच कराएगा।”

मंत्री ने सदन को बताया कि अशोक राजपथ पर ‘बिहार यंग मेन्स इंस्टिट्यूट’ से पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) तक सुरंग का निर्माण ‘पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड’ कर रहा है और यह कार्य मई-जून 2025 में शुरू हुआ।

उन्होंने कहा कि सुरंग निर्माण के दौरान संरचनाओं की स्थिति पर निगरानी के लिए ‘क्रैक मीटर’ और ‘बिल्डिंग सेटलमेंट मार्कर’ लगाए गए हैं।

सिन्हा ने कहा, “दरारों की चौड़ाई में किसी भी परिवर्तन पर नजर रखने के लिए क्रैक मीटर का उपयोग किया जा रहा है।”

यह मुद्दा प्रश्नकाल के दौरान पटना साहिब से भाजपा विधायक रत्नेश कुमार ने उठाया था। उन्होंने अशोक राजपथ पर जारी मेट्रो सुरंग निर्माण कार्य से कई इमारतों, विशेषकर धरोहर भवनों, को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, “अशोक राजपथ पर मेट्रो रेल सुरंग निर्माण के चलते कई इमारतों, जिनमें विरासत संपत्तियां भी शामिल हैं, में दरारें आ गई हैं।‘व्हीलर सीनेट हाउस’ में सीनेट की बैठकें और दीक्षांत समारोह जैसे प्रमुख कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं, जिनमें लॉर्ड माउंटबेटन, सरोजिनी नायडू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी हस्तियां शामिल हुई थीं।”

भाषा कैलाश राजकुमार

राजकुमार