Jhalawar Minor Girls Trafficking Case/Photo Credit: IBC24
जयपुर। Jhalawar Minor Girls Trafficking Case: देश के बड़े बड़े शहरों में देह व्यापार का धंधा तेजी से फैल रहा है। महानगरों के साथ-साथ अब यह कारोबार कस्बों और औद्योगिक इलाकों तक भी पहुंच चुका है। इसी बीच राजस्थान की झालावाड़ पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लड़कियों को गिरोह से मुक्त कराया है। इनमें सात नाबालिग हैं।
बताया जा रहा है कि झालावाड़ और बूंदी के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग बच्चियों को मुंबई के डांस-बारों में काम दिलाने के बहाने चयन करते थे। इन सभी को देह व्यापार के लिए धकेल जा रहा था। जिसके झालावाड़ पुलिस और मुंबई पुलिस के सहयोग इस रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 लड़कियों को बरामद किया है। इनमें 7 नाबालिग हैं।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने 10 लड़कियों में 7 लड़कियां नाबालिग पाई गई है। जिनको किसी तरह फर्जीवाड़ा करके बालिग बनाया गया। दो लड़की है जिनकी दस्तावेज नहीं मिली और एक बच्ची है जो बालिग पाई गई है। इस पूरे मामले में पांच लोग अभी तक अरेस्ट किए जा चुके हैं और एक मुंबई से अरेस्ट किया गया है। वहीं तीन लोग मुंबई के जेल में ही बंद है। एसपी ने बताया कि अनुसंधान के दौरान पता चला कि गिरोह का नेटवर्क झालावाड़, बूंदी, टोंक, ग्वालियर और मुंबई तक फैला था। मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के बाद संयुक्त अभियान चलाया गया। अलग अलग राज्यों में छापेमारी कर इन लड़कियों को मुक्त कराया गया।
एसपी ने बताया कि स्थानीय एजेंट गरीब परिवारों से संपर्क करता था और फिर उनकी नाबालिग बच्चियों को मुंबई के डांस बार में काम दिलाने के बहाने 25 से 35 लाख रुपए में सौदा कर देते थे। बाद में उन्हें दलालों को सौंप देते थे। दूसरे स्तर पर दलाल महानगरों के सक्रिय एजेंट से संपर्क कर उन्हें बेच दिया करते थे। सक्रिय एजेंट के पास जाने के बाद इन लड़कियों को डांस बार एवं देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया जाता था।
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