पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले यहां की राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है। पक्ष और विपक्ष के बीच अलग-अलग मुद्दों को लेकर बयानबाजी का दौर चल रहा है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर पलटवार किया। उन्होंने सम्राट चौधरी ने 1995 की घटना को याद करते हुए कहा कि उस समय लालू प्रसाद यादव की सरकार ने उनके परिवार को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा, “मेरे घर के कुएं में लालू यादव के गुंडों और पुलिस ने पेशाब कर दिया था। मेरे परिवार के 22 लोगों को जेल में डाल दिया गया था। तब नीतीश कुमार सात किलोमीटर पैदल चलकर आंदोलन किए थे और मानवाधिकार आयोग ने लालू सरकार पर कार्रवाई की थी।”
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर लगातार जदयू और बीजेपी नेताओं पर सवाल उठा रहे हैं। हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सम्राट चौधरी पर आरोप लगाया कि उन्होंने 1995 के तारापुर हत्याकांड में गलत उम्र का सर्टिफिकेट देकर जेल से छुटकारा पाया था। पीके ने उनकी बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की। पीके ने सम्राट चौधरी का नाम 1999 के चर्चित शिल्पी-जैन और गौतम सिंह केस से भी जोड़ा। उस समय राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं और इस केस ने पूरे राज्य को हिला दिया था। इसमें राबड़ी देवी के भाई साधु यादव का नाम भी सामने आया था। पीके ने इस मामले को लेकर सम्राट चौधरी से कई सवाल पूछे। इस पर सम्राट चौधरी ने कहा कि “शिल्पी-गौतम केस की पूरी जांच सीबीआई ने की थी। हमारा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। यह आरोप सिर्फ राजनीतिक साजिश है। जिस राकेश की बात पीके करते हैं, वह हाजीपुर का रहने वाला है। जो व्यक्ति पूरे देश को लूट कर आया है, वही हम पर आरोप लगा रहा है।”
#WATCH | Patna: On the statement of Jan Suraaj founder Prashant Kishor, Bihar Deputy Chief Minister Samrat Chaudhary says, “…In 1995, we were thrown into jail. 22 members of our family were in jail. Bihar’s Chief Minister Nitish Kumar walked 7 kilometres on foot to protest for… pic.twitter.com/ISOsqo4oVk
— ANI (@ANI) September 29, 2025
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