निर्वाचन आयोग लोकतंत्र को कमजोर करने का औजार बन गया है: तेजस्वी यादव

निर्वाचन आयोग लोकतंत्र को कमजोर करने का औजार बन गया है: तेजस्वी यादव

निर्वाचन आयोग लोकतंत्र को कमजोर करने का औजार बन गया है: तेजस्वी यादव
Modified Date: September 25, 2026 / 02:56 pm IST
Published Date: September 25, 2026 2:56 pm IST

पटना, 25 सितंबर (भाषा) बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं तेजस्वी यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के जरिए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर किए जा रहे हैं तथा निर्वाचन आयोग “लोकतंत्र को कमजोर करने का औजार” बन गया है।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “बिहार समेत पांचों राज्यों में हुए हालिया चुनाव रद्द किए जाएं। निर्वाचन आयोग के कामकाज पर अब सवाल उठाने वाले दोनों निर्वाचन आयुक्त इतने लंबे समय तक चुप क्यों रहे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की जनता अब सड़कों पर उतरकर पारदर्शी, स्वतंत्र और जवाबदेह निर्वाचन आयोग की मांग करेगी। एसआईआर प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं को बाहर किया जा रहा है… निर्वाचन आयोग लोकतंत्र को कमजोर करने का औजार बन गया है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निर्वाचन आयोग को लोकतंत्र को ध्वस्त करने का माध्यम बना दिया है। यादव ने कहा कि देश की जनता आयोग को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए आंदोलन करेगी।

उधर, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “यदि निर्वाचन आयोग पर ऐसे सवाल उठाए जा रहे हैं, तो मेरा मानना है कि आयोग की भी जिम्मेदारी है कि वह मजबूती से अपना पक्ष रखे। विपक्ष क्या कहता है, उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि विपक्ष का काम राजनीति करना है।”

भाषा कैलाश

मनीषा रंजन

रंजन


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