CG High Court verdict: क्या मृत कर्मचारी की बहू को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिया यह सख्त आदेश

CG High Court's verdict on Compassionate Appointment: क्या मृत कर्मचारी की बहू को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिया यह सख्त आदेश

CG High Court verdict: क्या मृत कर्मचारी की बहू को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिया यह सख्त आदेश

CG High Court's verdict on Compassionate Appointment: क्या मृत कर्मचारी की बहू को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिया यह सख्त आदेश /image: IBC24 File

Modified Date: September 25, 2026 / 01:57 pm IST
Published Date: September 25, 2026 1:56 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मृत कर्मचारी की बहू ने मांगी अनुकंपा नियुक्ति
  • हाईकोर्ट ने 40 दिन में फैसला देने का आदेश दिया
  • आवेदन पर 6 साल से नहीं हुआ था निर्णय

बिलासपुर। CG High Court’s verdict on Compassionate Appointment: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के एक मृत कर्मचारी की बहू को अनुकंपा नियुक्ति देने के मामले में सुनवाई के बाद सक्षम अधिकारी को 40 दिन के भीतर नियम अनुसार निर्णय लेने का आदेश दिया है। आवेदन पर लंबे समय तक फैसला न होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

2017 में हो गई थी कर्मचारी की मृत्यु

जल संसाधन विभाग के कर्मचारी की वर्ष 2017 में मृत्यु हो गई थी। उनकी बहू शांति बाई यादव ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए 28 नवंबर 2020 को आवेदन दिया था। करीब छह साल बाद भी आवेदन पर निर्णय नहीं होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता शांति बाई ने याचिका में कहा कि आश्रित परिवार के सदस्य के रूप में अनुकंपा नियुक्ति का लाभ पाने का उनको अधिकार है। याचिका में कहा गया कि आवेदन निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत किया गया था, लेकिन विभाग ने अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया। सुनवाई के दौरान शांति बाई की ओर से अधिवक्ता ने आवेदन पर निर्णय नहीं होने की बात रखी।
शासकीय अधिवक्ता अनिल पांडेय ने कहा
CG High Court’s verdict on Compassionate Appointment राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनिल पांडेय ने कहा कि यदि 28 नवंबर 2020 का आवेदन अभी कार्यपालन अभियंता या सक्षम अधिकारी के समक्ष लंबित है तो उस पर कानून के अनुसार विचार कर निर्णय लिया जाएगा। राज्य की इस सहमति के बाद हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना सक्षम अधिकारी को आवेदन पर फैसला करने का निर्देश दिया।

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.