बिहार की पूर्व मंत्री और उनके पति को शस्त्र अधिनियम मामले में सात साल जेल की सजा

बिहार की पूर्व मंत्री और उनके पति को शस्त्र अधिनियम मामले में सात साल जेल की सजा

बिहार की पूर्व मंत्री और उनके पति को शस्त्र अधिनियम मामले में सात साल जेल की सजा
Modified Date: August 1, 2026 / 10:04 pm IST
Published Date: August 1, 2026 10:04 pm IST

बेगूसराय (बिहार), एक अगस्त (भाषा) बिहार के बेगूसराय जिले की एक अदालत ने आठ साल पुराने शस्त्र अधिनियम मामले में राज्य की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर को शनिवार को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

दंपति के बेटे अभिषेक आनंद चेरिया बरियारपुर सीट से जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक हैं। पहले मंजू वर्मा इस सीट से विधायक थीं। सांसद/विधायक अदालत के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह ने दंपति को सजा सुनाई।

अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव ने बताया कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के घेरे में आए वर्मा और उनके पति को अदालत के आदेश के अनुसार जेल भेज दिया गया।

मंजू वर्मा को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की करीबी माना जाता था। इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से चंद्रशेखर के करीबी संबंध होने के आरोप लगने के बाद वर्मा को समाज कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

जांच के दौरान सीबीआई की एक टीम ने बेगूसराय के एक गांव में स्थित दंपति के घर पर छापेमारी की थी और बड़ी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किए गए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

यादव के अनुसार, सुनवाई के दौरान सात गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें सीबीआई के धनबाद के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) भी शामिल थे।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश


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