जन सुराज ने समर्थकों को हिरासत में लेने के लिए पटना पुलिस के खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत की
जन सुराज ने समर्थकों को हिरासत में लेने के लिए पटना पुलिस के खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत की
पटना, दो अगस्त (भाषा) जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी ने निर्वाचन आयोग में पटना पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान भाजपा के कहने पर पुलिस ने जन सुराज के नेताओं और समर्थकों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया था।
किशोर ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को मतदान शुरू होने से पहले के दो दिनों में पुलिस ने 54 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें काफी संख्या में स्थानीय लोग शामिल थे।
किशोर ने यहां प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने गलत दावा किया कि मतदान के दिन से पहले 48 घंटे की ‘मौन अवधि’ (प्रचार बंद रहने की अवधि) के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने बाहरी लोगों को हिरासत में लिया था। हमने निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई है और सबूत पेश किए हैं कि हिरासत में लिए गए कई लोग स्थानीय थे। उन्होंने निषेधाज्ञा का भी उल्लंघन नहीं किया था।’’
किशोर के साथ कम से कम तीन ऐसे स्थानीय लोग भी थे, जिन्हें या जिनके परिवार के सदस्यों को पुलिस ने रात में उनके घरों से हिरासत में लिया था। उन्होंने भी प्रेस वार्ता में अपनी हिरासत की आपबीती सुनाई।
प्रशांत किशोर ने कहा, ‘‘हिरासत में लिए गए 54 लोगों में से 18 से ज्यादा बांकीपुर के स्थानीय निवासी थे। वे कोई गड़बड़ी नहीं कर रहे थे और न ही निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर रहे थे। रात में घर पर सो रहा व्यक्ति कानून-व्यवस्था को कैसे बिगाड़ सकता है?’’
पटना के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा को ‘‘अयोग्य, पक्षपाती और मूर्ख’’ बताते हुए किशोर ने आरोप लगाया कि उन्होंने (एसएसपी ने) पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करके चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।
जन सुराज के संस्थापक ने कहा, ‘‘अगर एसएसपी राजनीति करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। लोकतंत्र में हर किसी को राजनीति करने की आजादी है, लेकिन प्रशासनिक पद पर रहते हुए नहीं। यह अयोग्य, पक्षपाती और मूर्ख व्यक्ति राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हम उससे डरने वाले नहीं हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि जन सुराज के अनुरोध पर बिहार के डीजीपी और उनके मातहत अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि ‘‘सोमवार को मतों की गिनती वाले इलाकों में पटना के एसएसपी की कोई भूमिका नहीं होगी’’।
किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव लड़ा, जहां 30 जुलाई को मतदान हुआ था। मतगणना तीन अगस्त को होगी।
किशोर ने कहा कि उनकी पार्टी के 54 सदस्यों और समर्थकों को हिरासत में लिया गया, जबकि भाजपा के किसी भी व्यक्ति को हिरासत में नहीं लिया गया।
पटना के मंदिरी इलाके के रहने वाले नवल किशोर गुप्ता ने दावा किया कि बृहस्पतिवार रात दो बजे जब वह अपने परिवार के साथ सो रहे थे, तो बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी आए और उन्हें उठा ले गये, पुलिस ने उनके अपराध के बारे में कुछ नहीं बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में लेकर पुलिस ने शायद उन्हें वोट देने से रोकने की कोशिश की, लेकिन शाम पांच बजे उन्हें वोट देने दिया गया।
जन सुराज की समर्थक निभा भूषण ने कहा कि वह बुजुर्गों को बूथ तक जाने और वोट डालने में मदद कर रही थीं, लेकिन कुछ अनजान लोग उनके घर में घुस आए और उन्हें धमकाया।
भाषा शफीक दिलीप
दिलीप

Facebook


