बिहार: आचार संहिता उल्लंघन के सात साल पुराने मामले में कन्हैया कुमार को जमानत

बिहार: आचार संहिता उल्लंघन के सात साल पुराने मामले में कन्हैया कुमार को जमानत

बिहार: आचार संहिता उल्लंघन के सात साल पुराने मामले में कन्हैया कुमार को जमानत
Modified Date: July 13, 2026 / 09:29 pm IST
Published Date: July 13, 2026 9:29 pm IST

बेगूसराय, 13 जुलाई (भाषा) बिहार के बेगूसराय जिले की सांसद-विधायक (एमपी-एमएलए) अदालत ने कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के सात साल पुराने एक मामले में सोमवार को जमानत दे दी।

यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज किया गया था, जब कन्हैया कुमार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के टिकट पर बेगूसराय लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे।

विशेष न्यायाधीश विवेक चंद्र वर्मा ने कन्हैया कुमार की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उनके आत्मसमर्पण के बाद 10-10 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दे दी।

अदालत परिसर के बाहर कन्हैया कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘विपक्ष पर हमेशा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया जाता है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग नियमित रूप से इसका उल्लंघन करते हैं और संविधान के विपरीत आचरण करते हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। मुझे उम्मीद है कि अदालत से न्याय मिलेगा।’’

पुलिस के अनुसार, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बछवाड़ा थाना क्षेत्र के रुदौली गांव में एक मकान मालिक की अनुमति के बिना उसके घर पर चुनावी पोस्टर चस्पा करने के आरोप में कन्हैया कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जिस पर संज्ञान लेने के बाद अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी।

अदालती प्रक्रिया के तहत कन्हैया कुमार सोमवार को एमपी-एमएलए अदालत में पेश हुए, आत्मसमर्पण किया और जमानत याचिका दाखिल की।

भाषा कैलाश खारी

खारी


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