बिहार में राजग ने लोकतंत्र को ‘धन तंत्र’, ‘मशीन तंत्र’ में बदल दिया: तेजस्वी यादव
बिहार में राजग ने लोकतंत्र को 'धन तंत्र', 'मशीन तंत्र' में बदल दिया: तेजस्वी यादव
पटना, 11 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर लोकतंत्र को “धन तंत्र” और “मशीन तंत्र” में बदलने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी नहीं, बल्कि बिहार की जनता हार गई।
यूरोप के दौरे के बाद पटना पहुंचे यादव ने यह भी कहा कि उन्होंने राजग सरकार के कामकाज के बारे में 100 दिनों तक न बोलने और यह देखने का संकल्प लिया है कि क्या वह चुनावी वादों को पूरा करती है या नहीं।
सत्तारूढ़ राजग ने नवंबर 2025 में बिहार में राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन को करारी शिकस्त देकर सत्ता बरकरार रखी।
यादव ने कहा, ‘‘पिछले साल हुए चुनावों में जनता हारी और व्यवस्था जीत गई। इन लोगों (राजग नेताओं) ने ‘लोकतंत्र’ को ‘धनतंत्र’ और ‘मशीन तंत्र’ में बदल दिया।’’
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन जाहिर तौर पर उनका इशारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद और सरकारी योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को 10,000 रुपये प्रत्येक के वितरण की ओर था।
यादव ने आरोप लगाया कि ‘षड्यंत्र रचा गया’ और चुनाव ‘धोखे के जरिए जीता गया।’
यादव ने कहा, ‘‘चूंकि हम सकारात्मक राजनीति करते हैं, इसलिए मैं मौजूदा सरकार के फैसलों और नीतियों पर 100 दिनों तक कुछ नहीं कहूंगा। देखते हैं हमारी माताओं और बहनों को दो लाख रुपये कब मिलते हैं। एक करोड़ युवाओं को रोजगार कब मिलेगा? हर जिले में 4-5 कारखाने लगाने की बात हुई थी। देखते हैं क्या होता है।’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सितंबर के अंत में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की और 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10,000 रुपये अंतरित किए। सरकार ने कहा था कि स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में लाभार्थियों को उनके उद्यम की सफलता के आधार पर दो लाख रुपये तक की राशि प्रदान करना भी शामिल है।
यादव की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि राजद को यह समझने की जरूरत है कि जनता ने उन्हें नकार दिया है।
चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास पासवान) राजग की सहयोगी है। पासवान ने कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि जनता उनके कार्यकाल के दौरान व्याप्त जंगल राज को अभी तक नहीं भूली है। ऐसे में वे अपनी हार के लिए व्यवस्था को क्यों दोषी ठहराते हैं?’’
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि राजद कई वर्षों से लगातार चुनाव हार रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘2005 के बाद, राजद अपने दम पर वापसी करने की कल्पना भी नहीं कर सकता। कभी उन्हें नीतीश कुमार के समर्थन की जरूरत पड़ी (2015 में), तो कभी विभाजित राजग की (2020 में)। जब हमने 2020 में अकेले चुनाव लड़ा, तो उन्हें इसका फायदा मिला।’’
पासवान ने विपक्षी नेता से अपनी पार्टी की हार पर मंथन करने का आग्रह किया।
भाषा आशीष रंजन
रंजन

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