नीट अभ्यर्थी मौत मामला: परिवार का आरोप, एसआईटी ने डीएनए जांच के लिए नोटिस दिया

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नीट अभ्यर्थी मौत मामला: परिवार का आरोप, एसआईटी ने डीएनए जांच के लिए नोटिस दिया

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 11:15 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 11:15 PM IST

जहानाबाद, 10 फरवरी (भाषा) बिहार में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की एक अभ्यर्थी की मौत के मामले में परिजनों ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अब तक मामले की जांच कर रहे राज्य पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उन्हें डीएनए जांच के लिए नोटिस दिया है।

हाल ही में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को मामले की जांच सौंपने की सिफारिश की गई थी।

जहानाबाद की रहने वाली छात्रा छह जनवरी को पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू महिला छात्रावास में अचेत अवस्था में मिली थी।

कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

परिवार ने छात्रा का यौन उत्पीड़न और अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

पुलिस ने छात्रावास के एक कर्मचारी को बाद में गिरफ्तार भी किया था।

इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की।

हालांकि राज्य सरकार ने 31 जनवरी को सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी थी लेकिन केंद्रीय एजेंसी ने अब तक मामले की जांच अपने हाथ में नहीं ली।

मृतका के एक परिजन ने मंगलवार को मीडिया से कहा, “सोमवार देर रात एसआईटी के अधिकारी मृतका के चाचा के घर डीएनए जांच का नोटिस लेकर पहुंचे। टीम ने चाचा को नोटिस लेने के लिए मजबूर किया। इसके बाद गांव में एसआईटी के आने की खबर फैल गई, जिसके बाद छात्रा के अन्य रिश्तेदारों ने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया।”

उन्होंने बताया कि एसआईटी टीम ने मृतका के अन्य रिश्तेदारों को भी नोटिस देने की कोशिश की लेकिनन गांव के लोग जुटकर विरोध करने लगे, जिसके बाद टीम लौट गई।

परिजनों ने बताया कि एसआईटी टीम जहानाबाद के मखदूमपुर स्थित मृतका के मामा के गांव भी नोटिस देने गई थी लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। एक अन्य परिजन ने बताया, “राज्य सरकार ने हाल ही में बिहार विधानसभा में बताया कि जांच सीबीआई को सौंप दी गई है तो फिर एसआईटी जांच के नाम पर परिवार को क्यों परेशान कर रही है? जब जांच सीबीआई को सौंप दी गई है तो एसआईटी को नोटिस देने का कोई अधिकार नहीं है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि यह परिवार को परेशान और अपमानित करने की सोची-समझी कोशिश है।

परिजन ने घटना की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर अदालत आदेश दे, तो पूरा गांव डीएनए जांच के लिए तैयार है।

इस बीच, पटना में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। कई बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद कोई अधिकारी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सका।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र

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