New CM in Bihar: आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार, इससे पहले आखिरी बार करेंगे कैबिनेट बैठक, फिर होगा नए सीएम के नाम का ऐलान
New CM in Bihar: आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार, इससे पहले आखिरी बार करेंगे कैबिनेट बैठक, फिर होगा नए सीएम के नाम का ऐलान
New CM in Bihar | Photo Credit: IBC24
- नीतीश कुमार का इस्तीफा
- शाम 4 बजे नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला होगा
- कल सुबह 11 बजे राजभवन में नए मुख्यमंत्री शपथ लेंगे
पटना: New CM in Bihar बीते 20 साल से बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा देंगे। अब वे राज्यसभा सांसद बन चुके हैं। वे 11 बजे दिन में अपनी सरकार की अंतिम कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के बाद पद से त्याग पत्र देने लोकभवन जाएंगे। जहां राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेगे।
New CM in Bihar जानकारी के अनुसार, आज बिहार के मुख्यमंत्री आखिरी बार कैबिनेट बैठक की करेंगे। 11 बजे दिन में अपनी सरकार की अंतिम कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के बाद दोपहर 3 बजे नीतीश राजभवन जाएंगे, जहां राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेगे। फिर 4 बजे NDA विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुहर लगेगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे नए CM का ऐलान
आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान नए CM के नाम की घोषणा करेंगे। बीजेपी ने उनको अपना पर्यवेक्षक बनाया है। वहीं, कल सुबह 11 बजे राजभवन में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होगा।
किसे मिलेगी बिहार की कमान?
New Government Formation in Bihar ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि निवर्तमान बिहार सरकार में महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सबसे आगे हैं। इसके अलावा सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी इस रेस में हैं। राज्य के BJP नेता अपनी स्थिति को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदेश BJP के पूर्व अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल ने एक दिन पहले कहा था, “अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फैसला हमारे केंद्रीय नेतृत्व को लेना है। मैं इस दौड़ में बिल्कुल भी नहीं हूं।” अन्य संभावित नेताओं में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और राज्य मंत्री लखेंद्र पासवान और श्रेयसी सिंह के नाम शामिल हैं।
BJP सूत्रों के अनुसार, ये सभी नेता अलग-अलग मायनों में इस पद के लिए उपयुक्त हैं। सूत्रों ने बताया कि पासवान दलित हैं। उनके प्रमोशन से BJP को अपनी ‘उच्च जाति समर्थक’ छवि से उबरने में मदद मिल सकती है। इसका हिंदी भाषी क्षेत्रों में एक अलग ही नुकसान है क्योंकि वर्ष 1990 के दशक के मंडल आंदोलन की छाया आज भी कायम है। BJP सूत्रों ने स्वीकार किया कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा आश्चर्यजनक कदम उठाए जाने की प्रबल संभावना है। उन्होंने पार्टी द्वारा शासित कई राज्यों के उदाहरण दिए, जहां हाल के दिनों में कम लोकप्रिय नेताओं को शीर्ष पद मिले हैं।
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