अगला पंचायत चुनाव परिसीमन के बाद ही कराया जाएगा: सम्राट चौधरी

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अगला पंचायत चुनाव परिसीमन के बाद ही कराया जाएगा: सम्राट चौधरी

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 06:49 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 06:49 PM IST

पटना, 21 सितम्बर (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि राज्य के विकास में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और ग्राम संसद के माध्यम से गांवों के समग्र विकास के लिए ठोस सुझाव सामने आने चाहिए।

सम्राट ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अगला पंचायत चुनाव परिसीमन के बाद ही कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले वर्ष नगर निकायों में भी परिसीमन कराया जाएगा, जिससे पंचायत और नगर निकाय क्षेत्रों का स्पष्ट निर्धारण हो सके। उन्होंने कहा कि लगभग 7,500 की आबादी पर एक पंचायत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

पटना के ताज सिटी सेंटर में आयोजित ‘ग्राम संसद–बिहार चैप्टर-5’ मुखिया संवाद कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सम्राट ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी लक्ष्य के अनुरूप वर्ष 2037 में बिहार की स्थापना के 125 साल पूरे होने तक राज्य को समृद्ध, सशक्त और विकसित बनाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है।”

सम्राट ने कहा कि पंचायत लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है और मुखिया पर स्थानीय विकास तथा जनसमस्याओं के समाधान की बड़ी जिम्मेदारी होती है।

मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर राजस्व के नये स्रोत विकसित करने के लिए ग्राम संसद से सुझाव मांगे, ताकि कचरा प्रबंधन, पेयजल उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार आम लोगों पर अतिरिक्त कर लगाने के पक्ष में नहीं है।

सम्राट ने कहा कि पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग प्रकोष्ठ विकसित किया जाएगा, जिससे पंचायतों को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहायता मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि पंचायतों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल विकसित किया जाएगा, जिससे मुखियाओं को तकनीकी सहायता मिल सकेगी।

सम्राट ने कहा, “राज्य में ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ शुरू किया गया है, जिसके तहत हर पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के रखरखाव एवं आधारभूत सुविधाओं में सुधार शामिल है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन शिविरों में मिले आवेदनों का 30 दिन के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है और असंतुष्ट आवेदकों के लिए राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।

भाषा

कैलाश पारुल

पारुल