जद(यू) में शामिल हुए नीतीश के बेटे निशांत

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जद(यू) में शामिल हुए नीतीश के बेटे निशांत

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  • Publish Date - March 8, 2026 / 08:11 PM IST,
    Updated On - March 8, 2026 / 08:11 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

पटना, आठ मार्च (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार रविवार को जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि वह पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।

इंजीनियरिंग में स्नातक निशांत को पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में जद(यू) में शामिल किया गया।

पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत ने कहा, “मेरे पिता ने राज्यसभा सदस्य बनने का फैसला लिया, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था। हम सभी इसका सम्मान करते हैं। हम उनके मार्गदर्शन में काम करते रहेंगे। मैं संगठन को मजबूत करने के लिए काम करूंगा।’’

निशांत ने दावा किया कि बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे उनके पिता नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्ष में राज्य के लिए बहुत कुछ किया।

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य की जनता कभी उनके (नीतीश) द्वारा राज्य के विकास में किए गए योगदान को नहीं भूलेगी।’’

निशांत ने कहा, ‘‘मैं सभी का धन्यवाद करता हूं। आप सभी ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगा। मेरे पिता ने पिछले 20 वर्षों में जो योगदान दिया है उस पर देश, हमारे राज्य और मुझे गर्व है। मैं मुख्यमंत्री द्वारा किए गए विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाऊंगा।’’

जद(यू) कार्यालय में आगमन पर निशांत का जोरदार स्वागत हुआ। पार्टी कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर जमा हुए और पार्टी का झंडा लहराते हुए ढोल बजाते दिखे।

इस बीच, अटकलें हैं कि निशांत को नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

नीतीश कुमार के एक करीबी सहयोगी ने शनिवार को दावा किया कि एक सर्वसम्मत निर्णय लिया गया था कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नयी सरकार में निशांत को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। हरनौत से जद(यू) के विधायक हरि नारायण सिंह ने दावा किया कि निशांत को अगले महीने राज्य विधान परिषद का सदस्य चुना जाएगा।

जद (यू) की सदस्यता ग्रहण करने के बाद, निशांत ने पटना के महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना की और पटना उच्च न्यायालय के पास स्थित एक मजार भी गये।

निशांत ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ईश्वर, अल्लाह और वाहेगुरु, सब एक ही हैं। मेरे पिता अपनी नीतियों में सभी धर्मों का ध्यान रखते थे। मैं भी ऐसा ही करने का प्रयास करूंगा।’’

निशांत ने पटना के 1 अणे मार्ग स्थित अपने पिता के आधिकारिक आवास पर उनसे मुलाकात की। उन्होंने राज्य की राजधानी में समाजवादी प्रतीक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।

केंद्रीय मंत्री और जद (यू) के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने कहा, ‘‘निशांत को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जद (यू) में उनके औपचारिक रूप से शामिल होने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी।’’

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह ने निशांत की जद (यू) में सदस्यता का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

वंशवादी राजनीति के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश कुमार, जो अक्सर वंशवादी राजनीति की बात करते हैं, इस विषय पर बेहतर राय दे सकते हैं।’’

राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि ‘‘यह जद (यू) का आंतरिक मामला है।’’

तिवारी ने कहा, ‘‘हमारे पार्टी नेता तेजस्वी यादव हमेशा से कहते रहे हैं कि निशांत जी को राजनीति में आना चाहिए। लेकिन असली सवाल यह है कि भाजपा उन्हें कब तक राजनीति में बने रहने देगी।’’

भाषा शफीक नरेश

नरेश