बिहार दौरे के अंतिम दिन अमित शाह ने पूर्णिया में शीर्ष अधिकारियों के साथ की बैठक
बिहार दौरे के अंतिम दिन अमित शाह ने पूर्णिया में शीर्ष अधिकारियों के साथ की बैठक
पूर्णिया, 27 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन दिवसीय बिहार यात्रा के अंतिम दिन शुक्रवार को पूर्णिया में शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक कर रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमांचल क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा स्थिति समेत कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों की गहन समीक्षा की।
गृह मंत्री के साथ बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार मौजूद थे। इसके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे।
पूर्णिया में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक की तस्वीरें चौधरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की। बिहार सरकार में गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे चौधरी ने बैठक को महत्वपूर्ण बताया।
शाह के दौरे से पहले पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने संवाददाताओं से कहा था, “माननीय गृह मंत्री के साथ बैठक निर्धारित है, जिसमें वह सीमा प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा तस्करी और मादक पदार्थों जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के उपायों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देंगे।”
उन्होंने 25 फरवरी को अपने दौरे की शुरुआत की थी, जब उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत वैधानिक निकाय ‘लैंड पोर्ट्स प्राधिकरण’ की बैठक की अध्यक्षता की। यह निकाय देश में सीमा अवसंरचना के निर्माण, उन्नयन, रखरखाव और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है।
गृह मंत्री ने बृहस्पतिवार को अररिया का दौरा किया, जहां उन्होंने सशस्त्र सीमा बल की दो सीमा चौकियों को राष्ट्र को समर्पित किया और 175 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “देश से हर एक घुसपैठिए को बाहर निकालना नरेंद्र मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने कहा कि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य अनियंत्रित घुसपैठ के कारण “जनसांख्यिकीय बदलाव” के प्रति संवेदनशील हो गए हैं।
शाह ने यह भी विश्वास जताया कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव जीतेगी और राज्य से घुसपैठियों को बाहर निकालेगी।
उन्होंने सीमांचल क्षेत्र को “घुसपैठियों से मुक्त” बनाने का संकल्प दोहराया और नेपाल सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में सभी अतिक्रमणों को शीघ्र हटाने का निर्देश दिया।
सीमांचल क्षेत्र नेपाल के साथ सीमा साझा करता है और इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर का प्रवेश द्वार माना जाता है, जिसे आम बोलचाल में ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है।
भाषा कैलाश मनीषा रंजन
रंजन

Facebook


