बिहार विधानसभा ने 13 विधेयकों को मंजूरी दी

बिहार विधानसभा ने 13 विधेयकों को मंजूरी दी

बिहार विधानसभा ने 13 विधेयकों को मंजूरी दी
Modified Date: July 22, 2026 / 10:16 pm IST
Published Date: July 22, 2026 10:16 pm IST

पटना, 22 जुलाई (भाषा) बिहार विधानसभा ने मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 समेत 13 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए।

बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह विधेयक राज्य के युवाओं के भविष्य को नयी दिशा देने वाला कदम है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बेहतर उच्च शिक्षा के लिए छात्रों के दूसरे राज्यों में पलायन करने से रोकना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लाखों छात्र उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जा रहे हैं, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

चौधरी ने सदन को बताया कि अकेले एमिटी विश्वविद्यालय में 30 हजार से अधिक और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में करीब 11 हजार बिहारी छात्र अध्ययन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों में बिहार के लाखों छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक-2026 पर चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध की प्रकृति भी बदल रही है।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और संगठित अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कानून को और मजबूत बनाया गया है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन के तहत सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा या किसी व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध भी बिहार अपराध नियंत्रण कानून के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में छह महीने से एक वर्ष तक के कारावास का प्रावधान किया गया है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों को भी संगठित अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई संभव होगी। यह विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया।

बिहार नगर विकास विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि राज्य में शहरीकरण की गति तेज करने और आर्थिक विकास को नयी दिशा देने के उद्देश्य से यह कानून लाया गया है।

उन्होंने कहा कि इसके तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बिहार नगर विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो विशेष क्षेत्रों की पहचान, विकास योजनाएं बनाने, सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देने तथा सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन और अन्य शहरी आधारभूत संरचनाओं के विकास एवं रखरखाव का कार्य करेगा। विधेयक को चर्चा के बाद मंजूरी दे दी गई।

उद्योग मंत्री श्रेयषी सिंह ने बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान कहा कि निवेशकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने और व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एकल खिड़की प्रणाली लागू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में व्यवसाय सुगमता परिषद तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारिणी समिति का गठन किया जाएगा।

सिंह ने कहा कि ‘इन्वेस्ट बिहार’ सचिवालय निवेश संबंधी आवेदनों का नियमानुसार 30 दिन में निपटारा सुनिश्चित करेगा। चर्चा के बाद विधेयक को मंजूरी दे गई।

बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि संशोधन का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण को व्यवस्थित करना है।

उन्होंने कहा कि अब पंचायतें अपने क्षेत्र में होर्डिंग, बैनर और अन्य विज्ञापनों पर शुल्क वसूल सकेंगी, इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बहुमंजिला भवन और अपार्टमेंट निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत कराना तथा संबंधित प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

मंत्री ने कहा कि पंचायतों को होल्डिंग टैक्स, प्रोफेशन टैक्स तथा विभिन्न नागरिक सेवाओं के लिए उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्ज) वसूलने का अधिकार भी दिया गया है।

प्रकाश ने कहा कि इन प्रावधानों से पंचायतों की आय बढ़ेगी और नियोजित ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। चर्चा के बाद इस विधेयक को भी विधानसभा ने मंजूरी दे दी।

भाषा कैलाश जोहेब

जोहेब


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