महिलाओं के लिए राजद ने कुछ नहीं किया: नीतीश कुमार
महिलाओं के लिए राजद ने कुछ नहीं किया: नीतीश कुमार
(तस्वीरों के साथ)
पटना, नौ फरवरी (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को विधानपरिषद में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए उसने महिलाओं के लिए कोई काम नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी विपक्षी सदस्यों द्वारा राज्य में कथित रूप से बढ़ते दुष्कर्म के मामलों को लेकर किये जा रहे प्रदर्शन के बीच की।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्य दुष्कर्म की हाल की घटनाओं पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में दुष्कर्म की घटनाएं आम हो गई हैं।
हंगामे के बीच सदन में मौजूद मुख्यमंत्री अपनी कहने के लिए खड़े हुए। उन्होंने राजद पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जब ये लोग सत्ता में थे, तब इन्होंने कोई काम नहीं किया। महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। 2005 में हमारे सत्ता में आने के बाद बिहार का सर्वांगीण विकास हुआ है और राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।’’
उन्होंने उपसभापति रामबचन राय से हंगामा कर रहे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया।
हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री और विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बीच तीखी नोकझोंक भी देखी गई, लेकिन माइक्रोफोन बंद होने के कारण उनकी बात सुनाई नहीं दी।
हंगामा जारी रहने पर उपसभापति रामबचन राय ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
सदन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में राबड़ी देवी ने आरोप लगाया, “राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है और हर दिन हत्या एवं दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। यह सरकार अक्षम है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह विभाग संभाल रहे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफा देने की मांग की।
राबड़ी देवी ने दावा किया, “गृह मंत्री ने खुद कहा था कि अगर ऐसी कोई घटना होती है, तो वह 24 घंटे के भीतर इस्तीफा दे देंगे।”
विधान परिषद की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विपक्षी सदस्यों का विरोध जारी रहा जिसकी वजह से कार्यवाही बाधित हुई। इस पर सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई।
ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, ‘‘सबको पता है कि राजद शासन में किस तरह के अपराध होते थे। आप लोग लगातार नीतीश कुमार को गाली देते हैं और उनके इस्तीफे की मांग करते हैं। यही कारण है कि बिहार की जनता ने आपको नकार दिया और आपकी पार्टी को महज 25 सीटों तक सीमित कर दिया।”
राबड़ी देवी के आरोप लगाया कि सरकार ‘वोट चोरी’ से बनी है। इसपर प्रतक्रिया देते हुए चौधरी ने कहा कि जनता ने चुनाव से पहले घोषित राजद की ‘माई-बहन योजना’ को इसलिए खारिज कर दिया, क्योंकि उन्हें पता था कि “जो नेता जानवरों का चारा खा सकते हैं, वे इंसानों को भी नहीं छोड़ेंगे।”
चौधरी का इशारा राजद शासनकाल में हुए चारा घोटाले की ओर था। उल्लेखनीय है कि इस घोटाले में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद 1997 में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था और उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया था। बाद में लालू प्रसाद को चारा घोटाले के कई मामलों में दोषी ठहराया गया।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधान पार्षद नीरज कुमार ने दरभंगा मामले में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि आरोपी को प्राथमिकी दर्ज होने के डेढ़ घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मामले को दो महीने के भीतर त्वरित सुनवाई के जरिए तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचाया जाए।
कुमार के बयान पर राजद सदस्य सुनील सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, “अगर दरभंगा मामले में आरोपी डेढ़ घंटे में पकड़ा गया, तो करीब एक महीने पहले हुए नीट अभ्यर्थी की मौत के मामले में सरकार चुप क्यों है?”
जब भाजपा के एक विधान पार्षद ने आरोप लगाया कि राबड़ी देवी सदन में ‘हल्की’ बातें करती रहती हैं, तो विपक्षी सदस्य उनकी ओर बढ़े। इसके बाद तीखी नोकझोंक हुई और सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
भाषा कैलाश
धीरज
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