तेजस्वी के नेतृत्व में राजद का मार्च, पुलिस कार्रवाई के विरोध में राज्यपाल को सौंपेंगे ज्ञापन

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तेजस्वी के नेतृत्व में राजद का मार्च, पुलिस कार्रवाई के विरोध में राज्यपाल को सौंपेंगे ज्ञापन

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 01:42 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 01:42 PM IST

पटना, 19 अगस्त (भाषा) बिहार में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती के विरोध में राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पटना में लोक भवन तक विरोध मार्च की शुरुआत की।

प्रदर्शन मार्च पटना के जेपी गोलंबर से शुरू हुआ और मार्च के दौरान डाकबंगला चौराहा होते हुए लोक भवन पहुंचने का कार्यक्रम है।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मनोज झा ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि ‘जेन-जी’ की भावनाओं को समझना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों ने ईमानदार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ एके-47 राइफल, पैलेट गन और कील लगी लाठियों का इस्तेमाल किया।

झा ने कहा, ‘‘हम इस मार्च के जरिए इन सभी पहलुओं को बिहार के राज्यपाल के संज्ञान में लाना चाहते हैं।’’

पटना में अत्यधिक संख्या में पुलिस बल की तैनाती और अवरोधक लगाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस को उनके खिलाफ भी पैलेट गन का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि वे छात्रों का दर्द साझा कर सकें।

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि पार्टी निहत्थे छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाठियों और एके-47 राइफल के कथित इस्तेमाल के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी। उन्होंने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ करने का आरोप लगाया और मारे गए लोगों के परिजनों को सरकार से मुआवजा देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि राजद कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करेंगे और पुलिस जहां भी रोकेगी, वहीं रुक जाएंगे। इसके बाद पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात करेगा।

मार्च में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर एके-47 के इस्तेमाल का विरोध करते हुए प्रतीक के रूप में उसकी प्रतिकृतियां भी ले रखी थीं।

मार्च को देखते हुए पटना पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को राज्यपाल से मिलने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को राजधानी के प्रतिबंधित क्षेत्रों में मार्च करने की अनुमति नहीं होगी।

मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे ‘‘तेजस्वी यादव का करियर बचाओ मार्च’’ करार दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी छात्र, क्रिकेटर और राजनेता के तौर पर विफल रहे हैं और अब ऐसे मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, जिसे बिहार सरकार पहले ही सुलझा चुकी है।

सरावगी ने कहा कि विधानसभा में पारित कानून के तहत प्रश्नपत्र लीक के मामलों में एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने और आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक पारित होने के समय तेजस्वी विदेश दौरे पर थे।

हाल में राजद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मृत्युंजय तिवारी ने भी मार्च को तेजस्वी यादव और नेता प्रतिपक्ष के पद को बचाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि जब छात्रों के साथ खड़े होने की जरूरत थी, तब तेजस्वी विदेश दौरे पर थे।

तिवारी ने दावा किया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार छात्रों के कल्याण के लिए काम कर रही है और उनकी शिकायतों का समाधान कर दिया गया है।

भाषा कैलाश मनीषा सुरभि

सुरभि