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पटना, 28 मई (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि विनायक दामोदर सावरकर के राष्ट्रवादी विचारों का अनुसरण कर भारत महान बनेगा और बिहार समृद्धि हासिल करेगा।
बिहार विधान परिषद परिसर में सावरकर की 143वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में उनकी जीवनी पर आधारित पुस्तक ‘वीर सावरकर की जीवनी’ के विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सावरकर पर शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि युवा उनसे प्रेरणा ले सकें।
चौधरी ने कहा कि “ब्रिटिश शासकों और कुछ भारतीय इतिहासकारों के प्रयासों के बावजूद” आज भारत का हर नागरिक और बच्चा सावरकर के व्यक्तित्व, कार्यों और देशभक्ति से परिचित है।
उन्होंने कहा कि सावरकर ने ब्रिटिश शासन के दौरान लगभग 27 वर्ष कारावास में बिताए और “भीषण यातनाएं सहीं”, जिन्हें इतिहासकारों ने उनके साथियों की तुलना में सबसे अधिक कष्टपूर्ण माना है।
चौधरी ने आरोप लगाया कि देश को ब्रिटिश शासन से छुटकारा मिलने के बाद भी स्वतंत्रता के शुरुआती 20 वर्षों में लोग परेशान रहे, जिसके बाद आपातकाल लागू किया गया।
उन्होंने कहा, “लोगों ने कांग्रेस और आपातकाल के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की। जनसंघ ने पार्टी से पहले राष्ट्र को प्राथमिकता दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का भी स्पष्ट दृष्टिकोण है कि पहले राष्ट्र की रक्षा होनी चाहिए और उसके बाद पार्टी। सावरकर इसी विचारधारा के प्रतीक थे।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सावरकर की विचारधारा से प्रेरित होकर राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगातार जुटे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि “राष्ट्र प्रथम” की विचारधारा के आधार पर बिहार में औद्योगिकीकरण, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर कार्य किया जा रहा है, जिससे राज्य समृद्धि की ओर बढ़ेगा।
चौधरी ने कहा कि बिहार के सभी 534 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन की तर्ज पर मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रही है तथा अपराधियों का कोई जाति या धर्म नहीं होता।
चौधरी ने घोषणा की कि 50 करोड़ रुपये तक के ठेके बिहार के लोगों के लिए आरक्षित किए जाएंगे ताकि ‘‘बिहार का पैसा बिहार में ही रहे।’’
भाषा
कैलाश रवि कांत