मतदाता सूची की गड़बड़ी ठीक करने के लिए ‘एसआईआर’, राहुल-लालू घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं: शाह

मतदाता सूची की गड़बड़ी ठीक करने के लिए ‘एसआईआर’, राहुल-लालू घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं: शाह

मतदाता सूची की गड़बड़ी ठीक करने के लिए ‘एसआईआर’, राहुल-लालू घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं: शाह
Modified Date: September 18, 2025 / 09:29 pm IST
Published Date: September 18, 2025 9:29 pm IST

बेगूसराय/डेहरी-ऑन-सोन (बिहार), 18 सितंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि बिहार में मतदाता सूची में व्याप्त ‘‘गड़बड़ियां’’ दूर करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू की गई है।

उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोगों को बताएं कि अगर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन किसी तरह सत्ता में आया तो बिहार में ‘‘बांग्लादेशी घुसपैठिए भर जाएंगे।’’

भाजपा के पूर्व राष्टीय अध्यक्ष शाह ने ये बातें डेहरी-ऑन-सोन और बेगूसराय में आयोजित दो अलग-अलग कार्यकर्ता सम्मेलनों में कहीं, जिनमें राज्य के 38 में से 20 जिलों के पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।

भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ‘‘राज्य के हर घर में जाएं और यह संदेश फैलाएं कि अगर कांग्रेस, राजद और वामपंथी गठबंधन संयोग से भी सत्ता में आ गए तो बिहार के सभी जिले बांग्लादेशी घुसपैठियों से भर जाएंगे।’’

शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर भी निशाना साधा और कहा कि उसका उद्देश्य ‘‘बांग्लादेशी घुसपैठियों की रक्षा करना’’ था।

शाह ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग ने बिहार में मतदाता सूची से गड़बड़ियां हटाने के लिए एसआईआर का आदेश दिया है। फिर राहुल बाबा और लालू जी के पेट में मरोड़ क्यों उठ रही है? इसका कारण यह है कि उन्हें डर है कि उनके वोट बैंक ‘बांग्लादेशी घुसपैठिए’ सूची से बाहर हो सकते हैं।’’

उन्होंने पूछा, ‘‘क्या घुसपैठियों को वे सारी सुविधाएं मिलनी चाहिएं, जो हमारे नागरिकों को मिलती हैं? क्या उन्हें पांच किलो मुफ्त राशन ‘मिलना चाहिए? क्या उन्हें हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त चिकित्सा बीमा, पक्के मकान और नौकरियां मिलनी चाहिए?’’ इस पर सभा में जोरदार ‘नहीं’ के नारे लगे।

शाह ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोप को भी ‘‘झूठा बयान’’ करार दिया और कहा कि ‘‘कांग्रेस, राजद और वामपंथी गठबंधन ने पहले भी इसी तरह की रणनीति अपनाई थी, जब उन्होंने आरोप लगाया था कि हम अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति(एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण खत्म करना चाहते हैं।’’

सवालिया लहजे में उन्होंने पूछा, ‘क्या एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण से छेड़छाड़ हुई है? मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि जब तक संसद में भाजपा का एक भी सांसद है, तब तक आरक्षण को कोई खतरा नहीं है।’’

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा को पारंपरिक रूप से ‘‘उच्च जातियों की पार्टी’’ के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन इसे वंचित और पिछड़े वर्गों तक अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने के प्रयासों की पृष्ठभूमि में देखी जा सकती है।

शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं से 243-सदस्यीय बिहार विधानसभा के चुनावों में ‘‘दो तिहाई बहुमत हासिल करने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया, जिसकी घोषणा कुछ ही सप्ताह में होने की संभावना है।

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जदयू और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) जैसे गठबंधन सहयोगियों के साथ सुचारू समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। शाह ने कार्यकर्ता में सम्मेलन में जाने से पहले मुख्यमंत्री और जदयू नेताओं से पटना में मुलाकात की थी।

शाह ने कहा, ‘‘आपको लोगों को बताना होगा कि सरकारी योजनाओं के कारण उनके जीवन पर जो सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, वह कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) से जुड़ा है, लेकिन आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि हमारे सहयोगी अच्छा प्रदर्शन करें। जदयू के चुनाव चिह्न ‘तीर’ एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के ‘झोपड़ी’ पर डाला गया प्रत्येक वोट अंततः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ही जाएगा।’’

राजनीतिक हलकों में अपनी संगठनात्मक क्षमताओं के लिए जाने जाने वाले गृह मंत्री ने खुलासा किया कि उन्होंने रैलियों को संबोधित करने के बजाय पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलना चुना, ताकि यह बात स्पष्ट हो सके कि ‘‘भाजपा में, नेता नहीं, बल्कि कार्यकर्ता मशीनरी चलाते हैं।’’

अपने संबोधन में शाह ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसमें जमीनी स्तर का कार्यकर्ता भी शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने स्वयं गुजरात में बूथ स्तर के कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की थी और आज मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष तक बना।’’

प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा, ‘‘मैं मोदी जी को 35 वर्षों से जानता हूं और आज तक उन्हें छुट्टी पर जाते नहीं देखा। राहुल गांधी का नाम लिये बिना ही कहा कि दूसरी ओर कुछ नेता ऐसे हैं जो छह महीने में विदेश यात्रा न करें तो बेचैन हो जाते हैं। आप समझ सकते हैं मैं किसकी बात कर रहा हूं।’’

शाह ने मगध-शाहाबाद क्षेत्र में पिछली विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रदर्शन को ‘‘औसत से कम’’ बताया और कार्यकर्ताओं से आगामी चुनाव में 80 प्रतिशत से अधिक सफलता दर सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं यथा- आयुष्मान भारत और जन धन योजना का सबसे अधिक लाभ बिहार को मिला और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इन्हें जमीनी स्तर तक पहुंचाया है।

उन्होंने हाल ही में घोषित 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख किया।

भाषा कैलाश सिम्मी सुरेश

सुरेश


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