रामविलास पासवान की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग, चिराग की पहल के एक दिन बाद तेजस्वी का पत्र

रामविलास पासवान की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग, चिराग की पहल के एक दिन बाद तेजस्वी का पत्र

रामविलास पासवान की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग, चिराग की पहल के एक दिन बाद तेजस्वी का पत्र
Modified Date: September 12, 2026 / 12:20 am IST
Published Date: September 12, 2026 12:20 am IST

पटना, 11 सितंबर (भाषा) बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की।

यह मांग लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान द्वारा एक दिन पहले राजद प्रमुख लालू प्रसाद की प्रतिमा लगाने की वकालत किए जाने के बाद सामने आई है।

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लिखे पत्र में रामविलास पासवान की जयंती और पुण्यतिथि पर राज्य सरकार की ओर से राजकीय समारोह आयोजित करने का भी आग्रह किया।

पत्रकारों ने जब तेजस्वी यादव से चिराग पासवान के बयान और दोनों दलों के अलग-अलग राजनीतिक खेमों में होने के बावजूद इस मांग पर सवाल किया तो उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने सामाजिक मुक्ति के लिए काम किया है, हम निश्चित रूप से उन सभी का सम्मान करेंगे।”

रामविलास पासवान और लालू प्रसाद ने 1977 के लोकसभा चुनाव में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले बिहार आंदोलन में भाग लेने के बाद पहली बार संसद में प्रवेश किया था।

रामविलास पासवान ने 2000 में लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की थी।

विभिन्न राजनीतिक गठबंधनों के साथ समयानुकूल जुड़ने की उनकी क्षमता के कारण लालू प्रसाद उन्हें ‘मौसम वैज्ञानिक’ कहकर संबोधित करते थे।

तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्रियों– शरद यादव और रघुवंश प्रसाद सिंह को भी इसी प्रकार सम्मानित करने की मांग करते हुए कहा कि ये तीनों दिवंगत नेता “राष्ट्रपुत्र” थे और बिहार हमेशा उनका ऋणी रहेगा।

शरद यादव कभी लालू प्रसाद के कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे थे। दोनों ने मधेपुरा लोकसभा सीट से एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि, राजनीतिक जीवन के अंतिम दौर में शरद यादव ने लालू प्रसाद से मतभेद समाप्त कर अपनी लोकतांत्रिक जनता दल का राजद में विलय कर दिया था।

रघुवंश प्रसाद सिंह भी 2020 में निधन से कुछ सप्ताह पहले तक राजद अध्यक्ष के निष्ठावान सहयोगी रहे। उन्होंने अस्पताल से ही पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।

इस बीच, चिराग पासवान द्वारा लालू प्रसाद की प्रशंसा किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नाराजगी जताई। भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह ‘बबलू’ ने कहा, “लालू प्रसाद दोषसिद्ध व्यक्ति हैं। उनकी प्रतिमा कैसे लगाई जा सकती है?”

केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के सहयोगी चिराग पासवान ने बख्तियारपुर का नाम पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर रखने की मांग के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि नीतीश कुमार, लालू प्रसाद और उनके पिता रामविलास पासवान ने बिहार के सार्वजनिक जीवन में बड़ा योगदान दिया है और तीनों आदमकद प्रतिमाओं के हकदार हैं।

भाषा कैलाश

राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में