सहारनपुर (उप्र), 18 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक महिला ने पुलिस पर उसके पति को अवैध हिरासत में रखने, उत्पीड़न करने और छोड़ने के एवज में 80 हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया है।
वहीं पुलिस के एक अधिकारी ने इन आरोपों को प्रथम दृष्टया गलत बताया है और कहा कि मामले की जांच जारी है।
पीड़िता मोमीना ने आरोप लगाया कि मिर्जापुर थानाक्षेत्र के हिंदूवाला का निवासी उसका पति आरिफ एक पुराने सड़क दुर्घटना मामले में नामजद है और इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी।
महिला का आरोप है कि मामले में गिरफ्तारी पर उच्च न्यायालय की रोक के आदेश के बावजूद छह अप्रैल 2026 की रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस उसके घर पहुंची और पति को जबरन अपने साथ ले गई।
महिला के अनुसार, पति को पूरी रात थाने में रखा गया, बेरहमी से पीटा गया और छोड़ने के बदले 80 हजार रुपये वसूले गए।
उसने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भेजी है।
मोमीना का कहना है कि पति की हालत बिगड़ने पर उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया और शरीर पर चोट के निशान पाए गए।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मयंक पाठक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि बेहट थाना पुलिस पर ‘थर्ड डिग्री टार्चर’ देने के संगीन आरोप लगाये गए हैं।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पता चला कि दुर्घटना से संबंधित एक मामले में अभियुक्त आरिफ को नौ अप्रैल 2026 को थाने लाया गया था, पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा कि जनरल डायरी (जीडी) में एंट्री की गई और तस्वीरें भी ली गईं।
एसपी (ग्रामीण) ने कहा कि लगाए गए आरोप तस्वीरों के आधार प्रथमदृष्टया असत्य प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है।
भाषा सं आनन्द जोहेब
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