Cryptocurrency Ban में नहीं डूबेगा निवेशकों का पैसा?

आज हम फिर से cryptocurrency ban को लेकर मची अफरा तफरी पर बात करेंगे...आज cryptocurrency के इंवेस्टर्स के लिए एक और राहत भरी खबर निकलकर आई है

Edited By: , December 2, 2021 / 02:46 PM IST

Cryptocurrency ban in India latest update

Cryptocurrency Ban: आज हम फिर से cryptocurrency ban को लेकर मची अफरा तफरी पर बात करेंगे…आज cryptocurrency के इंवेस्टर्स के लिए एक और राहत भरी खबर निकलकर आई है…बताया जा रहा है कि भारत सरकार नए कानून के जरिए cryptocurrency को नहीं बल्कि इसकी आड़ में होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए कानून में प्रावधान करेगी…यानी इसमें इंवेस्टर्स का ही भला होने वाला है….उन्हें पैसे डूबने की चिंता नहीं करनी चाहिए….

cryptocurrency ban  की आशंकाओं के बीच एक नई बात निकलकर आई है कि कुछ कंपनियां या कहें cryptocurrency जारीकर्ता लोगों के पैसे लेकर रफूचक्कर हो चुके हैं…यानी आप इनकी cryptocoine खरीद तो सकते हैं पर बेच नहीं सकते। लोगों ने अच्छी रिटर्न की उम्मीद में करोड़ों रूपए ऐसी cryptocoin पर लगा दिए…पर जब उन्होंने अपनी cryptocoin को बेचना चाहा तो नहीं बेच पाए….कभी सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी दिखने लगी कभी कोई और ईश्यू आ गया और कुल मिलाकर यह हुआ कि इंवेस्टर्स इसमें से एक रूपया भी नहीं निकाल पाए… इस तरह की रिस्क वाली करेंसी में शामिल…एक COIN के बारे में बताया जाता है कि 2014 से 2017 के बीच इस पर दुनियांभर के लोगों ने करीब 15 अरब यूरो का निवेश कर दिया था…, इस COIN को लेकर दावा किया जाता था कि यह जल्द ही दुनियां में बिटकॉइन के वर्चस्व को खत्म कर देगा और लोगों को एक नए अर्थतंत्र की ओर लेकर जाएगा… बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में इस COIN की जारीकर्ता कंपनी की हेड महिला अंडरग्राउंड हो गई थीं. और इस तरह एक बड़े घोटाले का आरोप उन पर लगा है…इस कंपनी और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ लंदन की पुलिस ने जांच शुरू की थी लेकिन उसे कोई खास कामयाबी नहीं मिल सकी कारण साफ था इससे जुड़े लोग दुनियांभर फैले थे…तब 2019 में लंदन पुलिस ने एक बयान जारी करके कहा था कि, ‘उस COIN को चलाने वाली कंपनियां और लोग ब्रिटेन के न्यायिक अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं. हम ब्रिटेन में उनकी संपत्तियों की तलाश करने में नाकाम रहे हैं, जिन्हें ज़ब्त कर के ब्रिटेन के निवेशकों की भरपाई की जा सके….’ इसी तरह एक प्ले टू अर्न cryptocurrency के जारीकर्ता भी गायब हो गए हैं….इस cryptocurrency की कीमते कई हजार फीसदी बढ़ गई थीं और अचानक एक दिन उसने सारी बढ़त खो दी….

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ये दो उदाहरण आपको ये बताने के लिए है कि शुरू में कुछ लाभ दिखता हो तो जरूरी नहीं है कि वह cryptocurrency आगे भी लाभदायक ही रहे…हो सकता है वह कंपनी फ्रॉड हो और जब आपका विश्वास उस पर जमे तभी वह भाग जाए…इंवेस्टर्स का विश्वास हासिल करने के बाद ऐसी cryptocurrency की कीमतें लगातार बढ़ाई जाती हैं और कई बार यह बिना किसी कारण के बढ़ रही होती हैं फिर एक दिन अचानक धड़ाम से यह नीचे गिर जाती है और इंवेस्टर्स ठगा सा रह जाता है….

अब कहा जा रहा है कि भारत सरकार इसी तरह के फ्रॉड से आम इंवेस्टर्स को बचाने के लिए कानून लेकर आ रही है…आपको याद होगा देशभर में सैकड़ों चिटफंड कंपनियां कुछ सालों पहले आई थीं और लोगों को पैसा डबल करने का झांसा देकर उनकी सारी जमा पूंजी लूटकर फरार हो चुकी हैं….तो अब cryptocurrency में पैसा लगाने वालों को कानून से चिंता करने की जरूरत कम है…उनको चिंता ही करनी है तो इस बात की करनी चाहिए कि उनकी कंपनी इस नए कानून के आने बाद चल पाएगी या नहीं….सरकार इन सभी cryptocurrency को रेगुलेट करना चाहती है….इससे उनको कुछ सरकारी मापदंडों का पालन करना होगा…. रही बात निवेशकों की तो उनको देश के सामान्य नियमों के मुताबिक लेनदेन में पारदर्शिता रखनी होगी और हो सकता है सरकार कोई नया टैक्स इस पर लगा दे….ऐसा होता है तो इंवेस्टर्स को टैक्स देना पड़ सकता है…..

आइए अब आपको बता दें कि एक दिन पहले की तुलना में cryptocurrency के मार्केट का क्या हाल है…. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बता चुकी हैं कि सरकार की योजना क्रिप्टो करेंसी को पूरा बैन करने की नहीं है…. असल में सरकार क्रिप्टो करेंसी के आधार वाली तकनीक ब्लॉकचेन को रक्षा कवच देना चाहती है…..इसके बाद लगातर गिर रहे cryptocurrency के मार्केट में कुछ सुधार हुआ है….

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बताया जा रहा है कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में विधेयक लाकर कुछ निजी cryptocurrency को बैन करने की तैयारी है…. जैसा कि आप जानते हैं अभी तक जो बातें हो रही हैं उसके मुताबिक इस नए प्रस्तावित बिल में ऑफिशियल डिजिटल करेंसी का प्रावधान होगा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इसको जारी करेगा. यहां पर यह समझना होगा कि cryptocurrency और डिजीटल करेंसी के बीच क्या फर्क है। जहाँ एक तरफ सभी क्रिप्टोकरेंसी को डिजिटल करंसी कहा जा सकता है, वहीं दूसरी तरफ हर डिजिटल करंसी को हम cryptocurrency नहीं कह सकते।
cryptocurrency को एक कंप्यूटर एल्गोरिदम से मैनेज किया जाता है, जबकि डिजिटल करंसी को सरकार की मान्यता मिली होती है। डिजिटल करेंसी एक फिजिकल करंसी यानी हमारी जेब में मौजूद नोट या सिक्के की तरह ही काम करती है… पर वह नोट या सिक्का नहीं है। कई बार लोग भीम UPI से हो रहे पेमेंट को ही डिजिटल करंसी समझ लेते हैं। तो आपको बता दें कि दरअसल ये सारे मात्र पेमेंट प्लेटफॉर्म्स हैं और भारत में फ़िलहाल कोई डिजिटल करंसी नहीं है। तो अभी जिस डिजिटल करेंसी की चर्चा है उसे रिज़र्व बैंक ही जारी करेगा और उसे लीगल टेंडर माना जायेगा, यानी आप इस डिजिटल करंसी के बदले फिजिकल करेंसी या कोई भी सामान या सुविधाएं ले पाएंगे। हां क्रिप्टोकोर्रेंसी में ऐसा संभव नहीं है, आप इसके बदले कोई सामान या सर्विस फिलहाल नहीं ले सकते हैं। हालाँकि दुनिया की कुछ कंपनियों ने क्रिप्टोकोर्रेंसी में पेमेंट लेना शुरू तो किया है पर इनमें भारी उतार-चढ़ाव की वजह से इस करंसी की स्थिरता पर विश्वास करना काफी मुश्किल हो जाता है।
तो अभी तक जो संकेत आ रहे हैं उससे cryptocurrency इंवेस्टर्स को राहत मिलेगी ऐसा साफ दिख रहा है…इसलिए अगर आप इंवेस्टर हैं तो आपको अभी चिंता नहीं करनी चाहिए..हालांकि ये भी सही है कि अभी तक सरकार ने इस कानून को लेकर पूरी बातें साफ नहीं की है… उम्मीद करते हैं कि जो बातें अब तक सामने आ रही हैं उसी के मुताबिक आगे भी बातें होंगी.

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