Human-Wildlife Conflict Ex Gratia: राज्य की भाजपा सरकार ने बढ़ाई मुआवजे की राशि.. जंगली जानवरों के हमलों से मौत पर मिलेंगे इतने लाख रुपये, इस दफ्तर में करना होगा आवेदन

असम सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि चार लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये कर दी है।

Human-Wildlife Conflict Ex Gratia: राज्य की भाजपा सरकार ने बढ़ाई मुआवजे की राशि.. जंगली जानवरों के हमलों से मौत पर मिलेंगे इतने लाख रुपये, इस दफ्तर में करना होगा आवेदन

Wildlife Conflict Relief Amount Increased || Image- Indian Express File

Modified Date: July 29, 2026 / 11:07 pm IST
Published Date: July 29, 2026 11:06 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मानव-वन्यजीव संघर्ष में मौत पर छह लाख रुपये मिलेंगे।
  • फसल नुकसान का मुआवजा बढ़ाकर आठ हजार प्रति बीघा।
  • जोखिम कमेटियां बनेंगी, बंदर नियंत्रण योजना का अध्ययन होगा।

गुवाहाटी: असम सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। (Wildlife Conflict Relief Amount Increased) इनमें मानव-वन्यजीव संघर्ष में मौत होने पर मिलने वाली अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) को 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये करना शामिल है। साथ ही फसल नुकसान के मुआवजे में भी बढ़ोतरी की गई है।

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Victim Compensation Hiked: मौत और फसल नुकसान पर बढ़ा मुआवजा

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा लिए गए फैसलों के तहत मानव-वन्यजीव संघर्ष में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों को अब 6 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि संबंधित जिला उपायुक्त के कॉर्पस फंड से जारी होगी, जिससे प्रभावित परिवारों को जल्द आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

सरकार ने फसल नुकसान के मुआवजे को भी संशोधित करते हुए प्रति परिवार 7,500 रुपये के स्थान पर प्रति बीघा 8,000 रुपये देने का निर्णय लिया है। (Wildlife Conflict Relief Amount Increased) इसका उद्देश्य जंगली जानवरों से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को अधिक यथार्थवादी सहायता उपलब्ध कराना है।

Wildlife Attack Compensation: मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए बनेगी जोनल कमेटी

सरकार ने दीर्घकालिक रणनीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों में जोनल ह्यूमन-वाइल्डलाइफ कॉन्फ्लिक्ट रिस्क रिडक्शन कमेटियां गठित करने का फैसला किया है। इन समितियों में सांसद, विधायक, वन विभाग के अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के प्रतिनिधि और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। (Human-Wildlife Conflict Ex Gratia Increased) ये समितियां प्रत्येक क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार वैज्ञानिक और व्यवहारिक जोखिम न्यूनीकरण योजना तैयार करेंगी, ताकि एक जैसी नीति लागू करने के बजाय स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समाधान अपनाए जा सकें।

Ex Gratia Hike Announcement: बंदरों की बढ़ती समस्या पर भी सरकार गंभीर

राज्य के कई जिलों में कृषि और बागवानी को नुकसान पहुंचा रहे बंदरों की समस्या से निपटने के लिए सरकार ‘मंकी स्टरलाइजेशन प्रोग्राम’ की व्यवहार्यता का अध्ययन कराएगी। इसके लिए वन एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम हिमाचल प्रदेश का दौरा करेगी और वहां संचालित विशेष मंकी स्टरलाइजेशन सेंटर की कार्यप्रणाली, सर्जिकल तकनीक और प्रभाव का अध्ययन करेगी।

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Forest Department Compensation: विधायकों से सहयोग की अपील

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने कहा कि सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए वैज्ञानिक, सहभागी और टिकाऊ दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। (Wildlife Conflict Relief Amount Increased) उन्होंने सभी विधायकों से इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग और मार्गदर्शन देने की अपील की, ताकि राहत का लाभ समय पर प्रभावित परिवारों तक पहुंचे और दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित हो सके।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown