Vande Bharat: दीदी के गढ़ में शाह की हुंकार! TMC ने दिखाए काले झंडे तो BJP कार्यकर्ताओं से हुई झड़प, क्या सुवेंदु अधिकारी एक बार फिर ममता बनर्जी के लिए बड़ी मुसीबत बनेंगे?

दीदी के गढ़ में शाह की हुंकार! TMC ने दिखाए काले झंडे तो BJP कार्यकर्ताओं से हुई झड़प, Bengal Assembly Election Latest News

Modified Date: April 2, 2026 / 11:51 pm IST
Published Date: April 2, 2026 11:51 pm IST

कोलकाताः Bengal Assembly Election पश्चिम बंगाल में इस वक्त चुनावी पारा चढ़ा हुआ है लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा भवानीपुर सीट की है, क्योंकि यहां ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच कांटे की टक्कर है। चुनावी जंग को जीतने बीजेपी ने पूरा जोर लगा दिया है। मैदान में आज से स्वयं बीजेपी के चाणक्य शाह उतरे और ताल ठोकते हुए ऐलान किया कि अब अगले 2 सप्ताह वो बंगाल में ही रहेंगे, ताकि ममता सरकार को उखाड़ फैंका जाए।

Bengal Assembly Election भवानीपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मेगा रोड शो किया, लेकिन ये सिर्फ एक रोड शो नहीं, बल्कि दीदी के गढ़ में सीधी चुनौती थी। शाह ने हुंकार भरते हुए कहा कि वो अगले 15 दिन बंगाल में ही डेरा डालेंगे। उनका मिशन साफ है कि TMC को जड़ से उखाड़कर बंगाल की खाड़ी में फेंकना। रोड शो के बाद सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर से अपना नामांकन भी दाखिल किया।असली हाई-वोल्टेज ड्रामा तब शुरू हुआ, जब शाह का काफिला कालीघाट पहुंचा.. ममता बनर्जी के घर से कुछ ही दूरी पर TMC कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। सिर पर काला कपड़ा, हाथों में काले झंडे के साथ अमित शाह गो बैक’ के नारे लगाए। देखते ही देखते भवानीपुर की सड़कें जंग के मैदान में तब्दील हो गईं। बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिसके बाद पुलिस को हालात काबू करने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।

इधर कोलकाता सुलग रहा था तो उधर बांकुड़ा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हुंकार भर रहे थे। नामांकन रैली में पहुंचे यादव ने सीधे तौर पर हिंदुत्व और घुसपैठ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हिंदुओं को अपमानित किया गया और घुसपैठियों को बढ़ावा मिला, जनता अब उसका हिसाब चुकता करने के लिए तैयार है। तो क्या 2026 में बंगाल का तख्तापलट होगा? क्या सुवेंदु अधिकारी एक बार फिर ममता बनर्जी के लिए बड़ी मुसीबत बनेंगे? या फिर ‘जय बांग्ला’ का नारा एक बार फिर सत्ता की कुर्सी तक पहुंचेगा? इन तमाम सवालों के बीच बंगाल में चुनावी हिंसा और वार-पलटवार का दौर शुरू हो चुका है।

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