सांसद और गवर्नर बनाने का दावा करने वाले गिरोह को CBI ने पकड़ा, खुद को बता रहे थे सीबीआई का ….

खुद को सीबीआई मुख्यालय  में वरिष्ठ अधिकारी होने का दावा करते हुए राज्यसभा सांसद और गवर्नर बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले चार लोगों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है।

सांसद और गवर्नर बनाने का दावा करने वाले गिरोह को CBI ने पकड़ा, खुद को बता रहे थे सीबीआई का ….
Modified Date: November 29, 2022 / 08:04 pm IST
Published Date: July 25, 2022 9:20 pm IST

CBI Arrested Fake CBI: खुद को सीबीआई मुख्यालय  में वरिष्ठ अधिकारी होने का दावा करते हुए राज्यसभा सांसद और गवर्नर बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले चार लोगों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र और कर्नाटक में सात जगहों पर छापेमारी भी की जहां से आपत्तिजनक दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है।

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सीबीआई प्रवक्ता आर सी जोशी के मुताबिक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें लातूर के रहने वाले कमलाकर प्रेम कुमार बंडगर, दिल्ली के रहने वाले महेंद्र पाल अरोरा, गाजियाबाद के रहने वाले अभिषेक और मुंबई के रविंद्र विट्ठल नायक शामिल है। इसके अलावा एफआईआर में दिल्ली के एक अन्य निवासी मोहम्मद एजाज खान का नाम भी शामिल है।

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राज्यपाल और राज्यसभा के नाम पर की धोखाधड़ी
सीबीआई के मुताबिक इस मामले में आरोप है कि लातूर महाराष्ट्र निवासी आरोपी ने गलत तरीके से खुद को सीबीआई मुख्यालय दिल्ली में वरिष्ठ सीबीआई अधिकारी होने का दावा करते हुए अन्य लोगों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोप है कि इन लोगों ने निजी व्यक्तियों को भारी धनराशि के बदले में राज्यसभा में सांसद बनवाने और राज्यपाल के तौर पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर केंद्र सरकार के मंत्रालयों और सरकारी विभागों के तहत संचालित विभिन्न सरकारी संगठनों में अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की।

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कितने करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का है आरोप
सीबीआई (CBI) ने इस मामले में कुल 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 7 जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान अनेक आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए, इन दस्तावेजों की जांच का काम जारी है। सीबीआई की एफआईआर (FIR) में आरोप लगाया गया कि लोगों का मकसद 100 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का था। सीबीआई को छापेमारी के दौरान कई व्हॉट्सएप चैट मिली हैं जिनकी जांच जारी है। सीबीआई के मुताबिक इस मामले में गिरफ्तार लोगों को अदालत के सामने पेश किया जाएगा। इसके साथ ही इसमें यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन लोगों ने और कितने लोगों के साथ कितने रुपये की धोखाधड़ी की।


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