मध्यप्रदेश में पृथक विंध्य की गूंज, बीजेपी विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा

मध्यप्रदेश में पृथक विंध्य की गूंज, विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा Echo of isolated Vindhyas in Madhya Pradesh MLA surrounded his own government

Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: August 18, 2021 11:47 pm IST

भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर पृथक विंध्य की मांग जोर पकड़ने लगी है। बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी लगातार बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री से सवाल पूछ रहे हैं, उनकी मुहिम में अब मऊगंज से पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने इसके समर्थन में आ गए हैं। लक्ष्मण तिवारी ने कहा कि विंध्य की जनता का सभी सरकारों ने सिर्फ वोट की राजनीति के लिए उपयोग किया है। हकीकत ये है कि यहां विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ, अब सवाल ये है कि.. मध्यप्रदेश में अलग विंध्य की गूंज..विकास या फिर सियासत के लिए सुनाई दे रही है।

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मध्यप्रदेश में एक बार फिर अलग विंध्य की गूंज सुनाई देने लगी है। इसके लिए मैहर से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी अब पूरी तरह पार्टी से बगावत के मूड में आ चुके हैं। वे बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री से सवाल करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। पृथक विंध्य प्रदेश बनाने को लेकर नारायण त्रिपाठी ने अपनी मुहिम को नाम दिया है ‘हमारा विंध्य हमें लौटा दो.. नारायण त्रिपाठी ने इस सप्ताह अपनी ही सरकार पर नौ सवाल दागे हैं। उन्होंने पूछा है कि…

विंध्य में कितने एम्स हॉस्पिटल हैं, कितने आईआईएम हैं, कितने आईआईटी हैं, कितने अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम हैं, कितने एयरपोर्ट हैं, कितने विशेष आर्थिक औद्योगिक क्षेत्र हैं, कितने अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड हैं, कितने फूड पार्क हैं और हाईकोर्ट की कितनी खण्डपीठ हैं? जवाब में उन्होंने शून्य लिखकर सरकार की खिंचाई की है। नारायण त्रिपाठी ने बीजेपी की ओबीसी राजनीति पर भी सवाल खड़े करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूछा है कि 26 जनवरी को रीवा में सवर्ण आयोग बनाने की घोषणा की थी उसका क्या हुआ ?

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नारायण त्रिपाठी ने विंध्य प्रदेश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिख चुके है। अपने पत्र में नारायण त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा था कि छोटे राज्यों के गठन से विकास को स्वाभाविक गति मिलती है। नारायण त्रिपाठी की इस मुहिम से बीजेपी ने अपने आप को अलग किया हुआ है पर कुछ बीजेपी के सीनियर नेता खुलकर नारायण त्रिपाठी के समर्थन में भी आने लगे है। वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर फिलहाल वॉच एंड वेट की स्थिति में है।

पृथक विंध्य को लेकर लम्बे समय से अपनी ही पार्टी के लिए सवाल बनकर खड़े बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी.. इन दिनों विंध्य प्रदेश बनाने की मांग को लेकर जन जागरण कर रहे हैं.. रैलियां, सभाएं और रोड शो के माध्यम से लोगों के अंदर विंध्य प्रदेश को लेकर लोगों को भावनात्मक तरीके से जोड़ रहे हैं… नारायण त्रिपाठी का आरोप है कि विंध्य में न सड़के हैं न ही कॉलेज है, टूरिज्म के मामले में भी फेल है… जबकि बुंदेलखंड और विंध्य में अकूत धन संपदा है. जिसके बाबजूद भी विकास से पिछड़ा है. इसलिए अब विंध्य प्रदेश के पुननिर्माण की जरूरत है। नारायण त्रिपाठी के इस अभियान के चलते 2023 में कांग्रेस और बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।

 

 


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