Religious Freedom Act: 20 साल की जेल.. 25 लाख तक जुर्माना! छत्तीसगढ़ में लागू हुआ धर्म स्वातंत्र्य कानून, डिप्टी सीएम शर्मा बोले- थर-थर कांपेगा अवैध धर्मांतरण करने वालों का कलेजा

20 साल की जेल.. 25 लाख तक जुर्माना! छत्तीसगढ़ में लागू हुआ धर्म स्वातंत्र्य कानून, Freedom of Religion Act implemented in Chhattisgarh

Religious Freedom Act: 20 साल की जेल.. 25 लाख तक जुर्माना! छत्तीसगढ़ में लागू हुआ धर्म स्वातंत्र्य कानून, डिप्टी सीएम शर्मा बोले- थर-थर कांपेगा अवैध धर्मांतरण करने वालों का कलेजा
Modified Date: August 6, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: August 6, 2026 4:22 pm IST

रायपुर। Religious Freedom Act: छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून से जुड़े नए नियम राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही पूरे प्रदेश में लागू हो गए हैं। नए नियम के तहत धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया, उससे संबंधित सूचना, अनुमति और अन्य आवश्यक प्रावधानों को लेकर विस्तृत व्यवस्था तय की गई है। नए नियम को चार भागों में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल 24 धाराएं शामिल हैं। इनके माध्यम से धर्म परिवर्तन से जुड़ी प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को स्पष्ट किया गया है। नियम लागू होने के बाद धर्म परिवर्तन के नाम पर होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी और कार्रवाई का रास्ता स्पष्ट होगा।

Religious Freedom Act: गृह मंत्री विजय शर्मा ने नए नियम के लागू होने पर कहा कि सरकार अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी सरकार का पूरा फोकस रहेगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि “अवैध धर्मांतरण करने वालों का कलेजा थर-थर कांपेगा।” सरकार का कहना है कि नए नियमों के लागू होने से धर्मांतरण से संबंधित मामलों में प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होगी और कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। नियमों के क्रियान्वयन की निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

राजपत्र में प्रकाशन के बाद अब ये प्रावधान प्रदेशभर में प्रभावी हो गए हैं। ऐसे में धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में नए नियमों के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ें


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।