SC Suggestion to Sonam Raghuvanshi: पति राजा के क़त्ल की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऑप्शन.. कहा ‘या तो सरेंडर कर सुनवाई आगे बढ़ाओ या फिर…”
Supreme Court Suggestion to Sonam Raghuvanshi: सुप्रीम कोर्ट ने राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को सरेंडर या जमानत चुनौती पर बहस करने का विकल्प दिया।
Supreme Court Suggestion to Sonam Raghuvanshi || Image- IBC24 News Archive
- सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को दो विकल्प दिए।
- जमानत चुनौती पर गुरुवार को होगी सुनवाई।
- गिरफ्तारी प्रक्रिया पर भी अदालत ने उठाए सवाल।
नई दिल्ली: मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को दो विकल्प दिए हैं। (Supreme Court Suggestion to Sonam Raghuvanshi) अदालत ने कहा कि वह या तो फिलहाल सरेंडर कर दें ताकि मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ सके या फिर मेघालय सरकार की ओर से उनकी जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर मेरिट के आधार पर बहस करें।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले की पीठ ने सुनवाई के दौरान सोनम के वकील से कहा कि अदालत या तो जमानत पर मेरिट के आधार पर फैसला करेगी या फिर सोनम को सरेंडर करने का निर्देश दे सकती है ताकि इस दौरान सार्वजनिक गवाहों की गवाही हो सके। बेंच ने मौखिक रूप से यह भी कहा कि “सरेंडर करना आरोपी के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।” इस पर सोनम के वकील ने निर्देश लेने के लिए समय मांगा और कहा कि वह गुरुवार को अदालत को अपना जवाब देंगे।
गिरफ्तारी को लेकर भी उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोनम के वकील से यह भी पूछा कि गिरफ्तारी के समय कथित तौर पर ‘गिरफ्तारी के आधार’ नहीं दिए जाने का मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया।
मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि सोनम ने स्वयं पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। ऐसे में बाद में यह कहना कि गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए, स्वीकार नहीं किया जा सकता। (Supreme Court Suggestion to Sonam Raghuvanshi) उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी मेमो में केवल टाइपिंग की त्रुटि थी। हत्या से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) की जगह गलती से धारा 403(1) लिख दी गई थी, जबकि ऐसी कोई धारा मौजूद ही नहीं है। सोनम की ओर से अदालत में कहा गया कि अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
अब गुरूवार को होगी सुनवाई
दरअसल, मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखा गया था। हाईकोर्ट ने माना था कि गिरफ्तारी के समय सोनम को गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध नहीं कराए गए थे, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इस आदेश पर प्रारंभिक तौर पर सवाल उठाए थे, लेकिन अंतरिम रूप से जमानत पर रोक नहीं लगाई थी, क्योंकि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी थीं और कुछ समय हिरासत में रह चुकी थीं। अब इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।
The Supreme Court heard the Meghalaya government’s plea challenging the bail granted to Sonam Raghuvanshi, accused in her husband Raja Raghuvanshi’s murder case. Solicitor General Tushar Mehta argued that the arrest document contained only a typographical error, not a substantive… pic.twitter.com/8mxJCkj46w
— IANS (@ians_india) July 21, 2026
The Supreme Court on Tuesday (July 21) suggested that Sonam Raghuvanshi, the prime accused in the Meghalaya honeymoon murder case, surrender and face trial while questioning why she had not raised the plea of non-supply of grounds of arrest at the earliest opportunity.
Read more:… pic.twitter.com/sG9SIP5sGx— Live Law (@LiveLawIndia) July 21, 2026
इन्हें भी पढ़ें:
किसान महापंचायत: शंभू बॉर्डर सील किए जाने के बीच दिल्ली जा रहे पंजाब के किसानों को रोका गया
अयोध्या में होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक के लिए पहुंचने लगे सदस्य
संभल के शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले की सुनवाई 25 अगस्त तक टली
रायलसीमा में 20,884 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं लागू कर रही है सरकार : नायडू
रिची मेहता की ‘फूलन’ टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित होगी

Facebook


