Uttarkashi Tunnel Rescue
उत्तरकाशी: सिलक्यारा में सुरंग के एक हिस्से के ढहने के बाद भीतर 41 मजदूर फंस गए है। यह हादसा 12 नवम्बर को सामने आया था जिसके बाद से रेस्क्यू टीम लगातार मजदूरों तक अपनी पहुँच बनाने में जुटी हुई है। हालांकि सभी मजदूर पूरी तरह सुरक्षित है। उन्हें पाइप के जरिये खाना भेजा जा रहा है। कल ही कुछ मजदूरों ने अपने घरवालों से भी बात की और उन्हें अपना हाल चाल बताया। डीआरडीओ भी इस पूरे रेस्क्यू में जुटा हुआ है जबकि केंद्र के साथ राज्य की सरकार पूरे बचाव अभियान पर नजर बनाये हुए है।
टनल में 12 नवंबर से फंसे 41 श्रमिकों को हादसे के 10वें दिन यानि कल एंडोस्कोपिक कैमरे से देखा गया। मंगलवार सुबह करीब 3 बजकर 52 मिनट पर मजदूरों से बातचीत की गई। मजदूरों की गिनती हुई। सभी सुरक्षित हैं। पाइप के जरिए इन्हें पहली बार गर्म खिचड़ी-दाल और जूस भेजे गए।
वही अब बताया जा रहा है कि मजदूरों तक पहुँचने के लिए सुरंग की मिटटी को हटाने के बजाये रेस्क्यू की टीम खड़ी खुदाई यानी वर्टिकल ड्रिलिंग करेगी। इस जटिल खुदाई के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। देखें यह वीडियों
#WATCH उत्तरकाशी (उत्तराखंड): सिलक्यारा टनल के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए स्थान की पहचान कर ली गई है।
12 नवंबर को उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था। pic.twitter.com/YcKIptBxBp
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 22, 2023
वहीं ओडिशा के पुरी शहर में रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने उत्तरकाशी में सुरंग में फंसे श्रमिकों की सुरक्षा और बचाव के लिए प्रार्थना करने के लिए रेत से एक कलाकृति बनाई। 10 दिनों से फंसे मजदूरों के लिए देश में हर जगह से लोग प्रार्थनाएं कर रहे हैं।
#WATCH पुरी, ओडिशा: रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने उत्तरकाशी में सुरंग में फंसे श्रमिकों की सुरक्षा और बचाव के लिए प्रार्थना करने के लिए रेत से एक कलाकृति बनाई। (21.11) pic.twitter.com/YSmCnML9ZY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 22, 2023
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