Budget 2026 Medical and Health: मेडिकल-हेल्थ सेक्टर के लिए हुए ऐलान से गदगद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल.. बजट को बताया ऐतिहासिक
Budget 2026 Medical and Health: बजट में जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का निर्णय लिया गया है। सभी जिलों में आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेंटर खोले जाएंगे, वहीं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी सरकार का विशेष फोकस रहेगा।
Budget 2026 Medical and Health || Image- IBC24 News File
- बजट 2026 से स्वास्थ्य व्यवस्था होगी मजबूत
- सस्ती दवाओं से मरीजों को राहत
- मेडिकल टूरिज्म और आयुष को बढ़ावा
Budget 2026 Medical and Health: रायपुर: केंद्रीय बजट 2026 को चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह बजट देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत, आधुनिक और सर्वसुलभ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लिए गए दूरदर्शी निर्णयों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।
दवा निर्माण और गुणवत्ता सुधार में अहम भूमिका
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बजट में औषधि प्रशिक्षण शालाओं की स्थापना का निर्णय दवा निर्माण और गुणवत्ता सुधार में अहम भूमिका निभाएगा। आयुष सेक्टर को सशक्त करते हुए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक पहचान मिलेगी। कोविड-19 के बाद आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकार्यता को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कई ठोस कदम उठाए जाएंगे।
बजट में केयर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से राज्यों को सहयोग देकर देश में पांच रीजनल मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने की योजना प्रस्तावित की गई है। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे।
दवाइयां सस्ती, देश आत्मनिर्भर
Budget 2026 Medical and Health: स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा तथा बायोफार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है। बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित करने पर भी विशेष जोर रहेगा, जिससे गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी और देश आत्मनिर्भर बनेगा।
बजट में जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का निर्णय लिया गया है। सभी जिलों में आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेंटर खोले जाएंगे, वहीं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी सरकार का विशेष फोकस रहेगा। इससे आम जनता को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
पशु-चिकित्सा क्षेत्र को भी बजट में नई मजबूती दी गई है। इस क्षेत्र में पेशेवरों की संख्या बढ़ाने और निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा को प्रोत्साहन देने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना लाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बजट के तहत कैंसर की 17 दवाएं, शुगर की दवाएं, गंभीर रोगों की दवाइयां तथा 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती की गई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। जायसवाल ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2026 स्वास्थ्य सेवाओं को जनहितैषी, सुलभ और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की जनता को मिलेगा।
कपड़ा उद्योग के लिए बड़ा ऐलान
Budget 2026 Medical and Health: वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण के दौरान बताया कि, रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।
वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल उनकी योजनाओं में शामिल है। इसी तरह वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान भी किया गया है जबकि मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया गया है।
इसी तरह सरकार ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा है। उन्होंने बताया कि, देश में हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत है। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा साथ ही योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।
तीन राज्यों में खनन गलियारे का ऐलान
इसी तरह वित्तमंत्री ने बड़ा करते हुए देश के तीन राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल को बड़ी सौगात दी है। वित्तमंत्री ने इन तीनो ही राज्यों के लिए खनन गलियारे का ऐलान किया है।
छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉरिडोर के मायने क्या हैं?
Budget 2026 Medical and Health: यहां पहले से तीन रेल कॉरिडोर का काम चल रहा है। जो मुख्यतः खनिजों के परिवहन को ध्यान रखकर ही बनाए हुए हैं। इस 458 किलोमीटर के कॉरिडोर को माइनिंग कॉरिडोर सपोर्ट करेगा। इसमें जो सबसे नयी और महत्वपूर्ण बात है वह है कि रायपुर-विशाखापट्टनम में अभी जो 6 लेन इकॉनामिक कॉरिडोर बना है, उससे दंतेवाड़ा-कांकेर और कांकेर से लगी राजनांदगांव जिले की खदानों से आयरन ओर विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुंचाया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर इस माइनिंग कॉरिडोर में शामिल होने वाले जिले होंगे, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, कोरिया ( यहां कोयले का सबसे बड़ा भंडार और गेवरा-कुसमुंडा जैसी दुनिया की बड़ी खदानें हैं) आयरन ओऱ के भंडार वाले जिले कांकेर, दंतेवाड़ा और राजनांदगांव दंतेवाड़ा में बैलाडीला जैसी बड़ी खदान स्थित है।
कैंसर की दवाएं सस्ती
निर्मला सीतारमण ने हेल्थ और मेडिकल सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किये है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि कैंसर से जुड़ी 17 दवाओं में छूट दी जाएगी। इसी तरह सात और जो दुर्लभ बीमारियों की दवाओं में, खास मेडिकल पर्पज के लिए उसके आयात में छूट मिलेगी।
इसी तरह हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बजट में सीतारमण ने 3 नए आयुर्वेदिक एम्स बनाने की घोषणा की। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हास्पीटिलिटी की स्थापना भी होगी। सीतारमण ने बजट में 5 क्षेत्रिय मेडिकल हब बनाने का भी एलान किया। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि बायो फॉर्मा के लिए 10 हजार करोड़ दिए जाएंगे। लोगों को शूगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए सस्ती दवाएं देंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए मेडिकल सहायता देंगे। डेढ़ लाख सेवाकर्ताओं की बहाली होगी। उन्होंने मेडिकल वैल्यू टूरिज्म के लिए खास स्कीम का भी ऐलान किया।
इनकम टैक्स पर क्या हुआ बड़ा ऐलान?
Budget 2026 Medical and Health: इसी तरह सरकार ने छोटे करदाताओं और निवेशकों को राहत देते हुए इनकम टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। इन बदलावों का मकसद टैक्स अनुपालन को सरल बनाना और करदाताओं की परेशानियां कम करना है।
कम या शून्य TDS के लिए ऑटोमैटिक सिस्टम
अब कम या शून्य TDS सर्टिफिकेट के लिए करदाताओं को असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए एक ऑटोमैटिक, रूल-बेस्ड सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे छोटे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी और टैक्स प्रक्रिया और सरल होगी।
निवेशकों को बड़ी सुविधा
निवेशकों के लिए डिपॉजिटरी अब Form 15G और Form 15H स्वीकार करेंगी। ये फॉर्म सीधे संबंधित कंपनियों को भेजे जाएंगे। इससे उन निवेशकों को खास फायदा होगा, जिनके पास कई कंपनियों की सिक्योरिटीज़ हैं और जिन्हें बार-बार फॉर्म जमा करने की जरूरत पड़ती थी।
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