Income Tax New Rule/Image Credit: IBC24.in
Income Tax New Rule: नई दिल्ली: लोकसभा में आज यानी 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वां बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा, रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा, गरीबी उन्मूलन, डिफेंस समेत अन्य क्षेत्रों के लिए कई बड़े ऐलान किए।
इस बजट से सबसे ज्यादा उम्मीद मिडिल क्लास लोगों को थी। लोगों को उम्मीद थी कि, आयकर में छूट मिलेगी, ऐसा तो (Income Tax New Rule) नहीं हुआ, लेकिन आयकर से जुड़े कई बड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं। टैक्स भरने की प्रकिया को आसान कर दिया गया है। इसके साथ ही मुकदमेबाजी कम करना, और बेवजह जुर्माना और जेल की सजा से बचाना है। ये सब खासकर उन लोगों के लिए किया गया है, जहां गलती जानबूझकर नहीं, बल्कि नियमों की जटिलता, तकनीकी चूक या जानकारी की कमी के कारण हुई हो।
Income Tax New Rule: दरअसल, बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, ‘नया इनकम टैक्स एक्ट-2025 इसी साल 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। वित्त मंत्री ने बजट में बताया कि NRI के लिए अपनी प्रॉपर्टी बेचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। पहले एनआरआई को प्रॉपर्टी बेचते समय TDS काटने और जमा करने के लिए एक खास नंबर TAN (Temporary Accounting Number) लेना पड़ता था। इससे लोगों को परेशानी होती थी।’
आज पेश किए गए बजट में इसे सरल बना दिया गया है। आज पेश किए गए बजट में प्रॉपर्टी खरीदने वाले भारतीय खरीदार ही TDS काटेंगे और उसे अपने PAN वाले चालान के जरिए जमा कर देंगे। इससे एनआरआई को TAN लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही जिन NRI ने विदेशी आय का खुलासा तो किया है और उसका टैक्स भी (Income Tax New Rule) दिया, किन जितनी संपत्ति का खुलासा करना था, उतना नहीं कर पाए। अब ऐसे लोगों को भी राहत मिलेगी। सिर्फ जुर्माना भरकर इस मामले का निपटारा किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि, विदेशों में छोटे-मोटे एसेट्स का खुलासा न करने वालों को बड़ी छूट मिली है, इस तरह की आय छिपाने वालों को जेल नहीं होगी।
Income Tax New Rule: कई बार ऐसा होता है कि, लोग में विदेश में छोटी-मोटी संपत्ति रखते हैं, लेकिन टैक्स रिटर्न में उसका खुलासा नहीं करते हैं। ऐसे लोगों आज पेश किए गए बजट में राहत दी गई है। अब से अगर विदेश में रखी गई गैर-अचल संपत्ति की कुल कीमत 20 लाख रुपए से कम है और उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया है तो भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। ऐसा होने पर उन्हें दण्डित नहीं किया जाएगा। 20 लाख रुपए से कम मूल्य की विदेशी अचल संपत्ति को घोषित न करने पर अब 1 अक्टूबर 2024 से कोई दंड या अभियोजन नहीं होगा।
ऐसे NRI जिन्होंने ने विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी नहीं दी है उनके लिए यह सीमा 1 करोड़ रुपये तक रखी गई है। ऐसे करदाताओं को अपनी छुपी हुई आय या संपत्ति के मूल्य का 30 फीसद टैक्स देना होगा और इसके अलावा 30 फीसदी अतिरिक्त टैक्स देना पड़ेगा। 30 फीसदी अतिरिक्त टैक्स देने पर उन्हें कोई जुर्माना या कानूनी (Income Tax New Rule) कार्रवाई नहीं झेलनी होगी। इसके साथ ही जी लोगों ने अपनी विदेशी आय बताई है, लेकिन संपत्ति घोषित नहीं कर पाए। उनके लिए संपत्ति की सीमा 5 करोड़ रुपए तक होगी। ऐसे मामलों में सिर्फ 1 लाख रुपए का शुल्क देने पर जुर्माना और अभियोजन दोनों से पूरी राहत मिल जाएगी।
Income Tax New Rule: इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट डायरेक्ट टैक्स व्यवस्था में दंड और अभियोजन को सरल के साथ-साथ तर्कसंगत बनाने के प्रस्ताव किए हैं. टैक्स निर्धारण और दंड से जुड़ी कार्यवाहियों को अब एक ही सामान्य आदेश के जरिए निपटाया जाएगा, जिससे दोहराव कम होगा। अपील की अवधि के दौरान दंड राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। अपील के लिए पहले जमा की जाने वाली राशि 20 फीसदी से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। मुकदमेबाजी कम करने के लिए करदाता को पुनर्मूल्यांकन के बाद भी रिटर्न अपडेट करने की (Income Tax New Rule) अनुमति होगी, जिसमें लागू कर के साथ अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा। गलत जानकारी देने के मामलों में टैक्स, ब्याज के साथ 100 फीसदी अतिरिक्त टैक्स जमा करने पर ऐसे मामलों में सजा या कानूनी कार्रवाई से राहत मिलेगी।
खातों की ऑडिट न कराना, ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट न देना या वित्तीय जानकारी देने में चूक जैसी तकनीकी गलतियों पर अब दंड की जगह मामूली शुल्क लिया जाएगा. लेखा बही या दस्तावेज न देना, या वस्तु के रूप में भुगतान पर टीडीएस न काटना अब अपराध नहीं माना जाएगा.
Income Tax New Rule: केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स कानून को अपराध की कैटेगरी से बाहर निकालने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नए नियम के मुताबिक अगर किसी भी करदाता की इनकम में कोई भी गड़बड़ी पाई जाती है या टैक्स छिपाया गया है तो उसे अब जेल की सजा नहीं होगी। ऐसे करदाता सिर्फ जुर्माना देकर मामला को रफा-दफा (Income Tax New Rule) किया जा सकता है। यह नया बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ‘नए इनकम टैक्स एक्ट’ का हिस्सा होगा।
छोटे मामलों में केवल जुर्माना लगेगा और गंभीर मामलों में भी अधिकतम सजा घटाकर 2 साल की दी गई है, जिसे अदालत जुर्माने में बदल सकती है। पहले आयकर कानून में गंभीर मामलों में अधिकतम सजा 7 साल तक की हो सकती थी। कुछ मामलों में 3 साल की सीमा थी। नए नियम के मुताबिक आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने वालों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रहेगी। गैर-ऑडिट व्यापार मामलों और ट्रस्टों को रिटर्न दाखिल करने के लिए 31 अगस्त तक का समय मिलेगा।
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