Orange economy Kya hai: क्या है ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ जिसका वित्त मंत्री ने बजट भाषण में किया जिक्र, एक क्लिक में जानें पूरी डिटेल

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Orange economy Kya hai: बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑरेंज इकोनॉमी का भी जिक्र किया। लोगों को ये नहीं पता कि 'ऑरेंज इकोनॉमी'

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  • Publish Date - February 1, 2026 / 05:26 PM IST,
    Updated On - February 1, 2026 / 06:19 PM IST

Orange economy Kya hai/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑरेंज इकोनॉमी का भी जिक्र किया।
  • ऑरेंज इकोनॉमी को क्रिएटिव इकोनॉमी भी कहा जाता है।
  • ऑरेंज इकोनॉमी की अलग-अलग परिभाषाएं आमतौर पर एक-दूसरे से मिलती-जुलती हैं।

Orange economy Kya hai: नई दिल्ली: लोकसभा में आज यानी 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वां बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा, रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा, गरीबी उन्मूलन, डिफेंस समेत अन्य क्षेत्रों के लिए कई बड़े ऐलान किए। बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑरेंज इकोनॉमी का भी जिक्र किया। बहुत से लोगों को ये नहीं पता कि ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ क्या है? अगर आप भी ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ के बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको ऑरेंज इकोनॉमी के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे है।

क्या है ऑरेंज इकोनॉमी?

ऑरेंज इकोनॉमी को क्रिएटिव इकोनॉमी भी कहा जाता है और ये एक डेवलप होता हुआ कॉन्सेप्ट है जो आर्थिक विकास और डेवलपमेंट में (Orange economy Kya hai) क्रिएटिव एसेट्स के योगदान और पोटेंशियल पर आधारित है। ऑरेंज इकोनॉमी में टेक्नोलॉजी, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और टूरिज्म के उद्देश्यों के साथ इंटरैक्ट करने वाले आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहलू शामिल हैं।

ऑरेंज इकोनॉमी की ये है खासियत

Orange economy Kya hai:  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, ऑरेंज इकोनॉमी यानी क्रिएटिव इकोनॉमी की कोई एक परिभाषा (Orange economy Kya hai) नहीं है। इसकी अलग-अलग परिभाषाएं आमतौर पर एक-दूसरे से मिलती-जुलती हैं। क्रिएटिव इकोनॉमी में एक अहम खासियत ये है कि, क्रिएटिव इकोनॉमी के कई पहलू होते हैं, जो आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक विकास में योगदान देते हैं और इसमें सस्टेनेबल डेवलपमेंट लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान देने की क्षमता होती है।

’20 लाख प्रोफेशनल्स की आवश्यकता 2030 तक होने का अनुमान’

बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑरेंज इकोनॉमी का जिक्र करते हुए कहा, “भारत का एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, (Orange economy Kya hai) गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र एक तेजी से बढ़ता हुआ उद्योग है, जिसमें वर्ष 2030 तक लगभग 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होने का अनुमान है। मैं मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का प्रस्ताव रखती हूं।’

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन खुलेगा पूर्वी क्षेत्र

Orange economy Kya hai:  अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि, ‘भारत का डिजाइन उद्योग भी तेजी (Orange economy Kya hai) से विस्तार कर रहा है। डिजाइन शिक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए, उन्होंने पूर्वी क्षेत्र में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।’

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बजट 2026 में ऑरेंज इकोनॉमी क्या है?

बजट 2026 में ऑरेंज इकोनॉमी को क्रिएटिव इकोनॉमी के रूप में बताया गया है, जिसमें एनीमेशन, गेमिंग, डिजाइन, कला, संस्कृति, मीडिया और बौद्धिक संपदा (IP) जैसे क्रिएटिव सेक्टर शामिल हैं।

बजट 2026 में ऑरेंज इकोनॉमी पर सरकार का फोकस क्यों है?

बजट 2026 में ऑरेंज इकोनॉमी पर इसलिए जोर दिया गया है क्योंकि यह रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

बजट 2026 के अनुसार AVGC सेक्टर में कितनी नौकरियों की संभावना है?

बजट 2026 के मुताबिक एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर में वर्ष 2030 तक करीब 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होने का अनुमान है।

बजट 2026 में शिक्षा के लिए ऑरेंज इकोनॉमी से जुड़े क्या ऐलान हुए हैं?

बजट 2026 में 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

बजट 2026 में डिजाइन सेक्टर को लेकर क्या घोषणा की गई है?

बजट 2026 में डिजाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए देश के पूर्वी क्षेत्र में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन खोलने का प्रस्ताव किया गया है।