Orange economy Kya hai/Image Credit: IBC24.in
Orange economy Kya hai: नई दिल्ली: लोकसभा में आज यानी 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वां बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा, रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा, गरीबी उन्मूलन, डिफेंस समेत अन्य क्षेत्रों के लिए कई बड़े ऐलान किए। बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑरेंज इकोनॉमी का भी जिक्र किया। बहुत से लोगों को ये नहीं पता कि ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ क्या है? अगर आप भी ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ के बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको ऑरेंज इकोनॉमी के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे है।
ऑरेंज इकोनॉमी को क्रिएटिव इकोनॉमी भी कहा जाता है और ये एक डेवलप होता हुआ कॉन्सेप्ट है जो आर्थिक विकास और डेवलपमेंट में (Orange economy Kya hai) क्रिएटिव एसेट्स के योगदान और पोटेंशियल पर आधारित है। ऑरेंज इकोनॉमी में टेक्नोलॉजी, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और टूरिज्म के उद्देश्यों के साथ इंटरैक्ट करने वाले आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहलू शामिल हैं।
Orange economy Kya hai: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, ऑरेंज इकोनॉमी यानी क्रिएटिव इकोनॉमी की कोई एक परिभाषा (Orange economy Kya hai) नहीं है। इसकी अलग-अलग परिभाषाएं आमतौर पर एक-दूसरे से मिलती-जुलती हैं। क्रिएटिव इकोनॉमी में एक अहम खासियत ये है कि, क्रिएटिव इकोनॉमी के कई पहलू होते हैं, जो आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक विकास में योगदान देते हैं और इसमें सस्टेनेबल डेवलपमेंट लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान देने की क्षमता होती है।
बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑरेंज इकोनॉमी का जिक्र करते हुए कहा, “भारत का एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, (Orange economy Kya hai) गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र एक तेजी से बढ़ता हुआ उद्योग है, जिसमें वर्ष 2030 तक लगभग 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होने का अनुमान है। मैं मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का प्रस्ताव रखती हूं।’
Orange economy Kya hai: अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि, ‘भारत का डिजाइन उद्योग भी तेजी (Orange economy Kya hai) से विस्तार कर रहा है। डिजाइन शिक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए, उन्होंने पूर्वी क्षेत्र में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।’
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