(Union budget 2026 india/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Union Budget 2026 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वर्ष 2026 का बजट सत्र कुल मिलाकर सकारात्मक रहने वाला है। अंक ज्योतिष में 2026 का स्वामी सूर्य और शनि दोनों को माना गया है। सूर्य सत्ता और प्रशासन का प्रतीक है, जबकि शनि न्याय, अनुशासन और आम जनता से जुड़ा ग्रह माना जाता है। इन दोनों ग्रहों का प्रभाव बजट को संतुलित और प्रशासनिक रूप से मजबूत बना सकता है।
ज्योतिषीय गणना भारत की वर्ष कुंडली के आधार पर की जाती है, जिसकी तारीख 15 अगस्त 1947 और समय रात्रि 12 बजे माना जाता है। इस कुंडली के अनुसार भारत का लग्न तुला और राशि कर्क है। इसी आधार पर 2026 के बजट (Budget 2026) का आंकलन किया गया है। ग्रहों की स्थिति संकेत देती है कि देश की अर्थव्यवस्था स्थिर रहने के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ेगी।
सूर्य अग्नि तत्व का ग्रह है और शनि वायु तत्व का। दोनों का स्वभाव अलग होने के कारण इनके साथ होने से कुछ क्षेत्रों में टकराव भी नजर आता है। हालांकि, इससे प्रशासनिक मजबूती आएगी। शनि के प्रभाव से आम जनता की जरूरतों पर ध्यान दिया जाएगा और विकास दर में सुधार आ सकता है। मेडिकल, कानून और प्रशासन से जुड़े क्षेत्रों को सूर्य के कारण लाभ मिलने के संकेत हैं।
1 फरवरी 2026 को सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र मकर राशि में होंगे, जिससे चतुर्ग्रही योग बनेगा। हालांकि शुक्र अस्त अवस्था में रहेगा। शनि मीन राशि में, गुरु मिथुन राशि में वक्री अवस्था में और चंद्रमा कर्क राशि में स्थित होगा। इन ग्रह योगों के कारण बजट (Budget 2026) कुल मिलाकर अनुकूल रहेगा, लेकिन कुछ वस्तुएं महंगी हो सकती हैं।
तुला लग्न की कुंडली में दूसरे और ग्यारहवें भाव को आमदनी और खर्च से जोड़ा जाता है। गुरु और बुध की स्थिति बताती है कि बहुत बड़ा लाभ या नुकसान नहीं होगा। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं सामान्य रहेंगी, लेकिन लकड़ी, लग्जरी आइटम और कॉस्मेटिक उत्पाद महंगे हो सकते हैं। शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने की योजना बनेगी।
मंगल मकर राशि में उच्च का होकर सूर्य के साथ रहेगा, जिससे मेडिकल, निर्माण और रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। भवन निर्माण, सीमेंट, स्टील और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। रेलवे माल ढुलाई और यात्री किराए में बढ़ोतरी के संकेत हैं। किसानों के लिए कृषि उपकरण और तकनीक पर सरकार का विशेष फोकस रहेगा।
दशम भाव में राहु का प्रभाव अचानक लाभ और नए प्रोजेक्ट्स की ओर संकेत करता है। ‘मेक इन इंडिया‘ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर बढ़ेगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन हवाई यात्रा और होटल इंडस्ट्री महंगी हो सकती है। बीमा योजनाओं में राहत मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर बजट 2026 (Union Budget 2026) संतुलित रहेगा और आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।