नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि देश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा 2015 के 25 करोड़ लोगों से बढ़कर 2026 में 100 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुंच गया है।
मंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) द्वारा देश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मिली महत्वपूर्ण मान्यता का उल्लेख किया।
मांडविया ने लिखा, ‘‘भारत ने सामाजिक सुरक्षा के विस्तार में एक अरब (100 करोड़) का आंकड़ा पार कर लिया है।’’
उन्होंने सामाजिक सुरक्षा दायरे के विस्तार के लिए भारत के प्रयासों को मान्यता देने पर आईएलओ के महानिदेशक गिल्बर्ट एफ. हौंगबो का आभार व्यक्त किया।
मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सामाजिक सुरक्षा दायरा 2015 के 25 करोड़ नागरिकों (19 प्रतिशत) से बढ़कर 2026 में 100 करोड़ से अधिक नागरिकों (68.4 प्रतिशत) तक पहुंच गया है। यह ‘सबका साथ, सबका विकास’ के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’
इन आंकड़ों के अनुसार, भारत ने एक दशक से कुछ अधिक समय में अपनी आबादी के पांचवें हिस्से से भी कम लोगों तक सीमित सामाजिक सुरक्षा दायरे को बढ़ाकर दो-तिहाई से अधिक आबादी तक पहुंचा दिया है, जो दुनिया में सामाजिक सुरक्षा के सबसे तेज विस्तारों में से एक है।
आईएलओ के अनुसार, वर्ष 2025 तक सामाजिक सुरक्षा दायरा 2015 के 19 प्रतिशत से बढ़कर 64.3 प्रतिशत हो गया था और 94 करोड़ से अधिक नागरिक इसके दायरे में आ चुके थे। इसी उपलब्धि के लिए भारत को अक्टूबर, 2025 में मलेशिया में अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (आईएसएसए) पुरस्कार-2025 के तहत ‘सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि’ सम्मान प्रदान किया गया था।
भारत की ब्रिक्स-2026 अध्यक्षता के तहत हैदराबाद में आयोजित 12वीं ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक के लिए भेजे गए वीडियो संदेश में आईएलओ के महानिदेशक ने बुधवार को भारत की इस नई उपलब्धि को औपचारिक मान्यता दी।
हौंगबो ने अपने संदेश में कहा, ‘‘आईएलओ के ताजा अनुमानों के अनुसार, भारत की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली अब एक अरब लोगों तक पहुंच चुकी है। यह उपलब्धि ‘ग्लोबल साउथ’ सहयोग के माध्यम से साझा किए जाने योग्य महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान करती है।’’
वीडियो संदेश के बाद हौंगबो ने ‘एक्स’ पर मंत्रिस्तरीय बैठक के सफल आयोजन के लिए भारत को बधाई दी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक के सफल निष्कर्ष के लिए भारत को बधाई देता हूं।’’
उन्होंने कहा कि भविष्य के श्रम बाजारों को तैयार करने के लिए सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और सम्मानित रोजगार के लिए डिजिटलीकरण के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।
भाषा निहारिका अजय
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