8th Pay Commission: सैलरी-पेंशन पर सस्पेंस बरकरार! आयोग ने बढ़ाई अहम तारीख, लेकिन फैसले पर क्यों नाराज हुए संगठन? जानिए क्या है पूरा मामला
8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग के लिए मंत्रालयों और विभागों द्वारा डेटा जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी गई है। इस देरी पर ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चिंता जताई है और सभी विभागों से जल्द डेटा जमा करने की अपील की है।
(8th Pay Commission/ Image Credit: AI-generated)
- डेटा जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 बढ़ाई गई।
- सभी डेटा केवल ऑनलाइन पोर्टल पर ही स्वीकार होगा।
- कई विभाग समय पर डेटा नहीं दे पाए थे।
नई दिल्ली: 8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है। वेतन आयोग ने मंत्रालयों और विभागों द्वारा जरूरी डेटा जमा करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। अब सभी संबंधित विभागों को 31 जुलाई 2026 तक अपना डेटा कलेक्शन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। यह डेटा भविष्य में सैलरी और पेंशन से जुड़े अहम फैसलों का आधार बनेगा।
क्यों बढ़ानी पड़ी डेडलाइन?
पहले 29 मई 2026 तक डेटा जमा करने की समयसीमा तय की गई थी। लेकिन कई मंत्रालय, विभाग और केंद्र शासित प्रदेश समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। इसी वजह से आयोग को डेडलाइन बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा। आयोग ने साफ किया है कि बिना सही और पूरा डेटा मिले आगे की रिपोर्ट तैयार करना संभव नहीं है।
सिर्फ ऑनलाइन पोर्टल पर जमा होगा डेटा
वेतन आयोग के डिप्टी सेक्रेटरी द्वारा जारी पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि सभी विभागों को केवल ऑनलाइन कलेक्शन पोर्टल के माध्यम से ही डेटा जमा करना होगा। ईमेल, पीडीएफ, फिजिकल कॉपी या किसी अन्य माध्यम से भेजा गया डेटा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
वेतन आयोग की रिपोर्ट के लिए क्यों जरूरी है डेटा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, वेतन आयोग किसी भी फैसले से पहले सभी मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों से विस्तृत जानकारी एकत्र करता है। इसके बाद ही आयोग सैलरी, पेंशन और भत्तों से जुड़ी अपनी फाइनल सिफारिश तैयार करता है। यह डेटा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की वास्तविक जरूरतों को समझने में मदद करता है।
कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने इस देरी पर चिंता जताई है। उन्होंने सभी विभागों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द डेटा जमा करें ताकि आयोग समय पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर सके। उनका कहना है कि यह सिफारिशें अगले कई वर्षों तक कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों को प्रभावित करेंगी। इसलिए प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।
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