नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) वाहन टायर विनिर्माता कंपनी सिएट लिमिटेड को वित्त वर्ष 2026-27 में मजबूत दोहरे अंक यानी 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की उम्मीद है। कंपनी का मानना है कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती के बाद बढ़ी घरेलू मांग, ग्रामीण बाजारों में तेजी और अंतरराष्ट्रीय कारोबार की मजबूत ऑर्डर बुक उसकी वृद्धि को गति देंगे। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कुछ बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है।
सिएट के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अर्नब बनर्जी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि कंपनी क्षमता विस्तार पर 1,205 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा कर चुकी है। कंपनी को वृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए और क्षमता उपलब्ध होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कंपनी को पूरे वित्त वर्ष 2026-27 में मजबूत दोहरे अंक की वृद्धि की उम्मीद है।
सिएट का एकीकृत राजस्व चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 4,318 करोड़ रुपये रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और नई उत्पादन क्षमता शुरू होने से आने वाले समय में भी बेहतर वृद्धि की उम्मीद है।
सिएट ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 1,205 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा नागपुर संयंत्र में दोपहिया टायर की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर खर्च किया जाएगा। वर्तमान में यह संयंत्र प्रतिदिन 80,000 टायर बनाने की पूरी क्षमता का इस्तेमाल कर रहा है। विस्तार के बाद इसमें प्रतिदिन करीब 53,000 अतिरिक्त टायर बनाने की क्षमता जुड़ जाएगी।
हालांकि, कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण टायर के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं, जिससे बिक्री वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है। इसके बावजूद कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मुनाफे के मार्जिन में सुधार होगा।
निर्यात कारोबार को लेकर भी कंपनी सकारात्मक है। सिएट के पास करीब 60 दिन के ऑर्डर पहले से मौजूद हैं और यात्री कार, ट्रक-बस तथा ऑफ-हाइवे टायर की वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि, पश्चिम एशिया, जो कंपनी की अंतरराष्ट्रीय बिक्री का लगभग 12–13 प्रतिशत हिस्सा है, वहां युद्ध के कारण कारोबार में बीच-बीच में बाधाएं आ रही हैं। इसके बावजूद कंपनी को निर्यात में भी मजबूत दोहरे अंक की वृद्धि की उम्मीद है।
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