नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) अदाणी समूह की कंपनियों ने बीते वित्त वर्ष 2025-26 में 1.53 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय किया। वहीं कंपनी की कर-पूर्व-आय (ईबीआईटीडीए) अबतक के उच्चतम स्तर 94,834 करोड़ रुपये (10 अरब डॉलर) पर रही।
यह दर्शाता है कि कंपनी ने एक तरफ बुनियादी ढांचा विस्तार को जारी रखा, वहीं दूसरी तरफ कर्ज को लक्ष्य से कम रखा है।
समूह की कंपनियों के परिणाम और निवेश पर तैयार रिपोर्ट के अनुसार, यह निवेश किसी भारतीय कॉरपोरेट समूह द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक पूंजीगत व्यय है। इस निवेश से सकल परिसंपत्ति आधार 7.85 लाख करोड़ रुपये (82.8 अरब डॉलर) पहुंच गया, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत व्यय ऊर्जा, यूटिलिटी यानी जन केंद्रित, परिवहन और लॉजिस्टिक कारोबार में किया गया।
समूह की मंगलवार को जारी रिपोर्ट अनुसार, एकीकृत ईबीआईटीडीए में वार्षिक आधार पर 5.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
वित्त वर्ष 2025-26 का लगभग 80 प्रतिशत निवेश ऊर्जा, जन केंद्रित, परिवहन और लॉजिस्टिक सहित प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में किया गया। यह भारत के बुनियादी ढांचे के निर्माण से जुड़े क्षेत्रों पर समूह के निरंतर ध्यान को बताता है।
ये निवेश ऐसे समय में आया है जब कई बड़ी परियोजनाएं परिचालन में आ चुकी हैं। इनमें 5.1 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, गुवाहाटी टर्मिनल, गंगा एक्सप्रेसवे और एक तांबा स्मेलटर संयंत्र शामिल हैं।
विभिन्न कारोबार क्षेत्रों से जुड़े इस समूह ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 से इन संपत्तियों से आय और नकदी प्रवाह में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
मुख्य बुनियादी ढांचा कारोबार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 82,083 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए अर्जित किया, जो पोर्टफोलियो की कुल आय का 87 प्रतिशत है। अदाणी पोर्ट्स के नेतृत्व में परिवहन क्षेत्र ने सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की। इस क्षेत्र में ईबीआईटीडीए 23.2 प्रतिशत बढ़कर 25,228 करोड़ रुपये रहा।
जन केंद्रित व्यवसायों का ईबीआईटीडीए 4.6 प्रतिशत बढ़कर 45,377 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
पूंजीगत व्यय में भारी वृद्धि के बावजूद, समूह ने शुद्ध कर्ज-ईबीआईटीडीए अनुपात को 3.3 गुना पर बनाए रखा, जो इसकी निर्धारित सीमा 3.5 गुना से कम है। मार्च के अंत में नकदी और नकदी समतुल्य राशि 55,852 करोड़ रुपये थी, जो कुल ऋण का 15 प्रतिशत है।
समूह की कंपनियों में पर्याप्त नकदी बनाए रखी गई है ताकि अगले कम से कम 17 महीनों तक कर्ज लौटाने से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
परिचालन कंपनियों की रेटिंग में सुधार के कारण समूह की औसत कर्ज लागत बीते वित्त वर्ष में घटकर 7.8 प्रतिशत हो गई, जो दो साल पहले 9.0 प्रतिशत थी।
अदाणी ने कहा कि उसकी सभी संपत्तियों को अब घरेलू क्रेडिट रेटिंग में ए या उससे ऊपर का दर्जा प्राप्त है।
समूह के प्रमुख कारोबार में, अदाणी ग्रीन एनर्जी ने अपनी परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 5.1 गीगावाट बढ़ाकर 19.3 गीगावाट किया है, जबकि अदाणी पोर्ट्स ने रिकॉर्ड 50.08 करोड़ टन कार्गो का संचालन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने 71,779 करोड़ रुपये की निर्माणाधीन पारेषण लाइन की घोषणा की और एक करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का आंकड़ा पार किया।
अदाणी एंटरप्राइजेज ने समीक्षाधीन वित्त वर्ष के दौरान राइट्स इश्यू के माध्यम से 24,930 करोड़ रुपये जुटाए, जबकि इसके एयरपोर्ट पोर्टफोलियो ने आठ हवाई अड्डों पर 9.53 करोड़ यात्रियों को संभाला।
ये परिणाम समूह के वर्षों के तीव्र ‘बैलेंस शीट’ विस्तार के बाद एक नए निवेश चरण में प्रवेश को बताते हैं, जिसमें प्रबंधन ने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा बदलाव और लॉजिस्टिक को भविष्य की वृद्धि के प्राथमिक इकाइयों के रूप में स्थापित किया है।
कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 अदाणी पोर्टफोलियो के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि समूह की कंपनियों ने अपने पूंजीगत व्यय चक्र के अगले चरण की शुरुआत की। वर्ष के दौरान पूंजी का उपयोग हमारे पहले 25 वर्षों में निर्मित परिसंपत्ति आधार के बराबर है, जो भारत के सामने मौजूद बुनियादी ढांचे के अवसरों और समूह के दीर्घकालीन वृद्धि में भरोसे को बताता है।’’
भाषा रमण अजय
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