Ladki Bahin Yojana News/Image Credit: Pixabay
Ladki Bahin Yojana News: मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार अपनी प्रमुख ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन’ योजना को बंद नहीं करेगी और हाल में लाखों लाभार्थियों को सूची से हटाए जाने के बावजूद 1.70 करोड़ पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलता रहेगा। मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी 30 अप्रैल की ई-केवाईसी (उपभोक्ता को जानो) सत्यापन की समयसीमा समाप्त होने के बाद आई है। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान योजना से जुड़े करीब 80 लाख लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए गए थे, जिसके बाद विपक्षी दलों ने सरकार की तीखी आलोचना की।
साप्ताहिक मंत्रिमंडल बैठक से पहले फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि योजना शुरू होने के बाद सरकार ने लाभार्थियों का सत्यापन कराया था, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं। उन्होंने कहा, ‘‘जब योजना शुरू की गई थी, तब महिलाओं को स्वयं अपने पात्र होने का प्रमाण देने की अनुमति दी गई थी, क्योंकि कई महिलाओं के पास दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त समय नहीं था। (Ladki Bahin Yojana News) बाद में सत्यापन कराया गया, क्योंकि इस योजना पर होने वाला सरकारी खर्च ऑडिट के दायरे में आता है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में कई विसंगतियां सामने आईं जिनमें सरकारी कर्मचारियों के परिवारों की महिलाओं द्वारा लाभ लेना और कुछ मामलों में पुरुषों द्वारा आवेदन करना भी शामिल हैं।
Ladki Bahin Yojana News: सीएम ने कहा कि लगभग 10 लाख लाभार्थियों के मामलों में पात्रता संबंधी गड़बड़ियां पाई गईं, जबकि करीब 14 हजार पुरुषों ने भी इस योजना के तहत आवेदन किया था। सीएम फडणवीस ने कहा कि पात्रता की पुष्टि के लिए सरकार ने आयकर, परिवहन और राशन कार्ड संबंधी डाटाबेस से लाभार्थियों का मिलान किया। उन्होंने कहा कि अपात्र महिलाओं और अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करने वालों को भुगतान रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बाद में अपात्र पाई गई महिलाओं से पूर्व में दी गई राशि वापस नहीं ली जाएगी। (Ladki Bahin Yojana News) हालांकि, जिन पुरुषों ने गलत तरीके से योजना का लाभ लिया है, उन्हें यह राशि लौटानी होगी। उन्होंने कहा कि लगभग 1.70 करोड़ महिलाएं सभी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं और उन्हें योजना के तहत सहायता मिलती रहेगी। सीएम फडणवीस ने कहा, ‘‘यह योजना कभी बंद नहीं होगी। आज भी यह देश के राज्यों में अपनी तरह की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में से एक है और आगे भी जारी रहेगी।’’
एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि हालांकि, 30 अप्रैल की ‘ई-केवाईसी’ समयसीमा के बाद लाभार्थियों की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर करीब 1.7 करोड़ रह गई है, लेकिन यह कटौती केवल ‘ई-केवाईसी’ न कराने के कारण नहीं, बल्कि पात्रता मानदंडों का पालन न करने से भी जुड़ी है। सरकार ने लाभार्थियों को ई-केवाईसी पूरा करने के लिए आठ महीने का समय दिया था। (Ladki Bahin Yojana News) वहीं, विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने महिलाओं के साथ ‘‘विश्वासघात’’ किया है और ‘‘गंभीर वित्तीय संकट’’ के कारण बड़ी संख्या में लाभार्थियों को योजना से बाहर किया जा रहा है।
इन्हे भी पढ़ें:-