एआई-आधारित पूर्वानुमान मॉडल वित्तीय प्रणाली के लिए ‘विनाशकारी’ घटनाओं को रोक सकते हैं: नागराजु
एआई-आधारित पूर्वानुमान मॉडल वित्तीय प्रणाली के लिए 'विनाशकारी' घटनाओं को रोक सकते हैं: नागराजु
मुंबई, नौ जनवरी (भाषा) वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम नागराजु ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा तकनीकी मंचों को बेहतर बनाने में एआई और जेनरेटिव एआई की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने वित्तीय प्रणाली में ‘विनाशकारी’ घटनाओं को रोकने के लिए एआई-आधारित पूर्वानुमान मॉडल की जरूरत पर जोर दिया।
नागराजू ने यहां भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के वार्षिक बैंकिंग प्रौद्योगिकी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया भर का वित्तीय क्षेत्र अपनी प्रक्रियाओं में एआई और जेनरेटिव एआई को अपनाने की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ”इन तकनीकों को भारत के वित्तीय संस्थानों में लाना ही होगा, जिसके बिना हम नवाचार की दौड़ में पीछे रह जाएंगे।” उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि एआई एल्गोरिदम को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोग किया जाने वाला डेटा किसी भी पूर्वाग्रह और मिलीभगत से मुक्त हो।
नागराजु ने कहा कि पारंपरिक प्रणालियां किसी घटना के घटित होने के बाद ही प्रतिक्रिया दे पाती हैं। ऐसे में ”हमें एक मजबूत जोखिम ढांचे की आवश्यकता है, जिसे सुदृढ़ कॉरपोरेट शासन संरचना, ठोस और विस्तार योग्य आईटी मंच का समर्थन हासिल हो।”
उन्होंने कहा, ”हमें निश्चित रूप से ऐसे एआई-आधारित मॉडल चाहिए जो वैश्विक और घरेलू बाजार की स्थितियों, व्यक्तिगत संस्थानों की वर्तमान स्थिति, उनकी ताकत और कमजोरियों का विश्लेषण करके घटनाओं का पूर्वानुमान लगा सकें और कमियों को दूर करने के लिए एक रास्ता दिखा सकें।”
भाषा पाण्डेय रमण
रमण

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