नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) कृत्रिम मेधा (एआई) अब भारत में स्मार्टफोन खरीद का एक अहम कारक बनती जा रही है। करीब 89 प्रतिशत उपभोक्ता स्मार्टफोन खरीदने के समय एआई के फीचर से प्रभावित होते हैं। एक रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है।
ई-कॉमर्स विक्रेता फ्लिपकार्ट और बाजार शोध फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च की संयुक्त रिपोर्ट कहती है कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार में उपभोक्ता अब केवल तकनीकी खासियतों के के बजाय बेहतर उपयोग अनुभव के आधार पर फैसले ले रहे हैं।
रिपोर्ट कहती है कि वॉयस असिस्टेंस, सर्च, कंटेंट क्रिएशन और पर्सनलाइजेशन जैसे क्षेत्रों में बढ़ते उपयोग के कारण एआई का महत्व तेजी से बढ़ा है। अब 15,000-20,000 रुपये के खंड में भी एआई फीचर एक सामान्य अपेक्षा बनते जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जनरेटिव एआई (जेनएआई) सक्षम स्मार्टफोन की स्वीकार्यता दर करीब 30 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
इसके बावजूद, कीमत और किफायती विकल्प अब भी खरीद का सबसे बड़ा आधार बने हुए हैं जहां 60 प्रतिशत उपभोक्ता ‘पैसे के लिहाज से मूल्यवान उत्पाद’ को प्राथमिकता देते हैं।
इसके अलावा, 33 प्रतिशत उपभोक्ता बेहतर फीचर वाले स्मार्टफोन खरीदने के लिए मासिक किस्त (ईएमआई) का सहारा ले रहे हैं, जबकि 57 प्रतिशत लोग ब्रांड पर भरोसा और 56 प्रतिशत लोग ऑनलाइन समीक्षाओं को महत्वपूर्ण मानते हैं।
फ्लिपकार्ट मोबाइल्स की उपाध्यक्ष कंचन मिश्रा ने कहा कि उपभोक्ता अब बेहतर प्रदर्शन, स्मार्ट फीचर्स और भरोसेमंद अनुभव देने वाले स्मार्टफोन चाहते हैं।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के शोध निदेशक तरुण पाठक ने कहा, ‘भारतीय उपभोक्ता पहले की तुलना में अधिक जागरूक और परिपक्व हो रहे हैं, जिससे कंपनियों पर सभी मूल्य वर्गों में बेहतर अनुभव देने का दबाव बढ़ रहा है।’
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