नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने सोमवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) अब दूरसंचार के लिए केवल सहायक नहीं रह गया है, बल्कि नेटवर्क के डिजाइन, प्रबंधन और उपयोग का अभिन्न हिस्सा बन गया है।
लाहोटी ने बताया कि एआई पहले से ही स्वयं-संवर्धित नेटवर्क, पूर्वानुमानित रखरखाव, बुद्धिमान स्पेक्ट्रम प्रबंधन, बढ़ी हुई साइबर सुरक्षा, बेहतर ऊर्जा दक्षता और बेहतर ग्राहक अनुभव को सक्षम बना रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत विश्व में सबसे तेज डिजिटल रूपांतरणों में से एक से गुजर रहा है। दूरसंचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी अब आर्थिक वृद्धि, शासन और सामाजिक समावेशन के लिए मूलभूत ढांचा बन गई हैं।’’
उन्होंने कहा कि 2025 के अंत तक भारत में डेटा उपयोगकर्ता एक अरब के आंकड़े को पार कर गए हैं, जिसमें लगभग 40 करोड़ 5जी उपयोगकर्ता हैं।’
लाहोटी ने कहा, ‘भारत में डिजिटल संचार की यही वास्तविक स्थिति है। 5जी प्रौद्योगिकी के लागू होने से दूरसंचार का परिदृश्य पूरी तरह बदल रहा है।’
लाहोटी ने कहा, ‘कृत्रिम मेधा अब दूरसंचार के लिए सहायक नहीं है, यह नेटवर्क के डिजाइन, प्रबंधन और अनुभव का अभिन्न हिस्सा बन गया है।’
भाषा योगेश अजय
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