नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) एयर इंडिया ने अपने बोइंग 787-8 विमान ड्रीमलाइनर वीटी-एएनएक्स के ईंधन नियंत्रण स्विच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद इसे मूल उपकरण विनिर्माता को जांच के लिए भेजने का निर्णय लिया है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रभावित स्विच मॉड्यूल का उड़ान के दौरान सिर्फ 3,440 घंटे इस्तेमाल हुआ था और इसे 2024 में ही संबंधित विमान में लगाया गया था।
आमतौर पर ईंधन नियंत्रण स्विच की कुल जीवन अवधि 20,000 घंटे होती है।
हालांकि, इस बारे में टाटा समूह के नियंत्रण वाली एयरलाइन की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
यह घटना एक फरवरी को लंदन हीथ्रो हवाई अड्डे से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरते समय हुई थी। उस समय पायलट ने गौर किया कि स्विच ‘रन’ स्थिति में भी पूरी तरह लॉक नहीं हो रहा था। तीसरे प्रयास में जाकर स्विच सही ढंग से लॉक हो पाया था जिसके बाद उड़ान सुरक्षित रूप से पूरी हुई।
विमानन नियामक डीजीसीए ने कहा कि इंजन चालू करते समय या उसके बाद कभी भी इंजन में कोई असामान्य संकेत, चेतावनी या प्रणालीगत संदेश नहीं आया और पायलट ने स्विच के अनावश्यक संपर्क से बचते हुए उसकी निगरानी जारी रखी।
ईंधन नियंत्रण स्विच में ‘रन’ और ‘कट ऑफ’ का उपयोग क्रमशः इंजन चालू करने और बंद करने के लिए किया जाता है।
इस घटना के बाद एयर इंडिया ने अपने सभी 33 बोइंग-787 विमानों में ईंधन नियंत्रण स्विच की जांच शुरू कर दी है। अब तक बेड़े के आधे विमान की जांच पूरी हो चुकी है और कोई समस्या सामने नहीं आई है।
ईंधन स्विच के कामकाज पर ध्यान पिछले साल जून में एयर इंडिया के 787-8 विमान दुर्घटना के बाद बढ़ गया है। हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में उड़ान के तुरंत बाद ईंधन आपूर्ति कटने का उल्लेख आया था।
एयर इंडिया के बेड़े में कुल 33 बोइंग-787 विमान हैं।
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प्रेम अजय
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