Bhilai News: छत्तीसगढ़ के इस अस्पताल में चल रहा फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने का धंधा, खुद अस्पताल के अधीक्षक करते हैं जारी, ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा

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छत्तीसगढ़ के इस अस्पताल में चल रहा फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने का धंधा, Bhilai News: Government Lal Bahadur Shastri Hospital, Supela

  • Reported By: Komal Dhanesar

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  • Publish Date - February 3, 2026 / 10:03 PM IST,
    Updated On - February 3, 2026 / 10:04 PM IST

भिलाईः Bhilai News: इस्पात नगरी भिलाई स्थित शासकीय लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, सुपेला में मोटी रकम लेकर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब अस्पताल से एक मृत व्यक्ति के नाम पर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। मामले की शिकायत कलेक्टर तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। शिकायतकर्ता जसप्रीत सिंह ने बताया कि सुपेला अस्पताल में लंबे समय से फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं। इसी दौरान किसी ने जानबूझकर एक मृत व्यक्ति के नाम से मेडिकल सर्टिफिकेट बनवा लिया। सर्टिफिकेट खुद अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. पीयम सिंह द्वारा जारी किया गया है।

मृत व्यक्ति के नाम पर 2025 में जारी हुआ सर्टिफिकेट

Bhilai News: जिस व्यक्ति के नाम पर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी हुआ है, उसका नाम गणेश राम, पिता स्व. राजाराम, निवासी सुपेला मोतीलाल चौक, वार्ड क्रमांक 17 बताया गया है। जांच में सामने आया है कि गणेश राम का 21 अप्रैल 2024 को निधन हो चुका था। रामनगर मुक्तिधाम, सुपेला में उनका अंतिम संस्कार भी किया गया था और उनका मृत्यु प्रमाण पत्र विधिवत जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद चौंकाने वाली बात यह है कि 7 दिसंबर 2025 को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, सुपेला से उनके नाम पर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया।

बिना मरीज के ही बन जाता है सर्टिफिकेट

बताया जा रहा है कि अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए न तो संबंधित व्यक्ति का अस्पताल पहुंचना जरूरी है और न ही उसकी उपस्थिति या हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है। आरोप है कि मुंहमांगी रकम देने पर केवल नाम और पता दलालों को देना होता है और अगले ही दिन मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार मिल जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्पताल परिसर में पार्किंग स्टैंड के पास कुछ दलाल वर्षों से सक्रिय हैं, जो लोगों से मोटी रकम लेकर उनके बताए अनुसार मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाते हैं। बताया जाता है कि अनफिट सर्टिफिकेट की अवधि के अनुसार रकम तय की जाती है।

सीएमएचओ ने मांगा जवाब

इस पूरे मामले में सुपेला अस्पताल के प्रभारी डॉ. पीयम सिंह मीडिया के सामने आने से बचते नजर आए। वहीं, सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी ने कहा कि किसी मृत व्यक्ति का मेडिकल सर्टिफिकेट बनना संभव नहीं है, मृत व्यक्ति के लिए केवल मृत्यु प्रमाण पत्र ही जारी किया जाता है। उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और अस्पताल प्रभारी से जवाब तलब किया गया है। सीएमएचओ ने कहा कि मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करते समय संबंधित व्यक्ति की उपस्थिति अनिवार्य होती है। ऐसे में मृत व्यक्ति के नाम पर सर्टिफिकेट जारी होना बेहद गंभीर मामला है और इसकी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

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