शह मात The Big Debate: क्या सिर्फ हिंदुओं को दर्शन देंगे महाकाल? क्या महाकाल में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगनी चाहिए?

Ads

Ujjain Mahakal Mandir: क्या सिर्फ हिंदुओं को दर्शन देंगे महाकाल? क्या महाकाल में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगनी चाहिए?

  •  
  • Publish Date - February 3, 2026 / 11:40 PM IST,
    Updated On - February 3, 2026 / 11:40 PM IST

Ujjain Mahakal Mandir | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • संत समाज ने महाकाल मंदिर में गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक की मांग की
  • बीजेपी ने संतों का समर्थन किया
  • कांग्रेस ने भेदभाव का आरोप लगाया

भोपाल: उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों- गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के ‘छोटा चार धाम’ मंदिरों में, गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग का सिलसिला एमपी तक आ पहुंचा है। उज्जैन के महाकाल मंदिर (Ujjain Mahakal Mandir) में गैर हिंदुओं की एंट्री पर बैन लगाने को लेकर संत समाज लामबंद हो रहा है। इसके पीछे संतों का दावा है कि- पवित्रता, परंपरा और सुरक्षा के लिए विधर्मियों का मंदिर में प्रवेश नहीं होना चाहिए।

MP News महाकाल मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक को लेकर जहां संतों ने आवाज़ उठाई, तो इस पर सूबे में सियासी गदर छिड़ गई। बीजेपी ने संतों के सुर से सुर मिलाया और कहा- हिन्दुओं की पूजा पद्धति में, गैर हिंदुओं का क्या काम है? तो कांग्रेस ने भेदभाव को लेकर निशाना साधा।

कुलमिलाकर महाकाल मंदिर में गैर हिंदुओं की एंट्री पर बैन को लेकर जहां संत समाज मुखर है, तो बीजेपी-कांग्रेस के अपने-अपने दावे हैं, लेकिन सवाल ये है कि- क्या अब महाकाल में गैर हिंदुओं की एंट्री पर वाकई रोक लगेगी? सवाल ये भी कि- क्या भगवान के नाम पर कोई भेदभाव सही है? और सबसे बड़ा सवाल ये कि- क्या हिंदू मंदिरों की पवित्रता वाकई खतरे में है जिससे ऐसी मांगें उठ रही हैं?

इन्हें भी पढ़े:-

महाकाल मंदिर में गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक की मांग क्यों उठी?

संत समाज का कहना है कि मंदिर की पवित्रता, परंपरा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।

क्या अभी महाकाल मंदिर में गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगी है?

फिलहाल यह केवल मांग है, सरकार या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।

राजनीतिक दलों का इस मुद्दे पर क्या रुख है?

बीजेपी ने संतों का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस ने इसे भेदभाव करार दिया है।