Ujjain Mahakal Mandir | Photo Credit: IBC24
भोपाल: उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों- गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के ‘छोटा चार धाम’ मंदिरों में, गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग का सिलसिला एमपी तक आ पहुंचा है। उज्जैन के महाकाल मंदिर (Ujjain Mahakal Mandir) में गैर हिंदुओं की एंट्री पर बैन लगाने को लेकर संत समाज लामबंद हो रहा है। इसके पीछे संतों का दावा है कि- पवित्रता, परंपरा और सुरक्षा के लिए विधर्मियों का मंदिर में प्रवेश नहीं होना चाहिए।
MP News महाकाल मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक को लेकर जहां संतों ने आवाज़ उठाई, तो इस पर सूबे में सियासी गदर छिड़ गई। बीजेपी ने संतों के सुर से सुर मिलाया और कहा- हिन्दुओं की पूजा पद्धति में, गैर हिंदुओं का क्या काम है? तो कांग्रेस ने भेदभाव को लेकर निशाना साधा।
कुलमिलाकर महाकाल मंदिर में गैर हिंदुओं की एंट्री पर बैन को लेकर जहां संत समाज मुखर है, तो बीजेपी-कांग्रेस के अपने-अपने दावे हैं, लेकिन सवाल ये है कि- क्या अब महाकाल में गैर हिंदुओं की एंट्री पर वाकई रोक लगेगी? सवाल ये भी कि- क्या भगवान के नाम पर कोई भेदभाव सही है? और सबसे बड़ा सवाल ये कि- क्या हिंदू मंदिरों की पवित्रता वाकई खतरे में है जिससे ऐसी मांगें उठ रही हैं?