एयरटेल ने अपनी ‘प्रायोरिटी पोस्टपेड’ सेवा का दूरसंचार विभाग के समक्ष बचाव किया
एयरटेल ने अपनी 'प्रायोरिटी पोस्टपेड' सेवा का दूरसंचार विभाग के समक्ष बचाव किया
नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड ने अपनी नई ‘प्रायोरिटी पोस्टपेड’ सेवा का दूरसंचार विभाग की एक समिति के समक्ष बचाव करते हुए कहा है कि यह सेवा न तो ‘नेट न्यूट्रैलिटी’ (समान इंटरनेट) सिद्धांत का उल्लंघन करती है और न ही इससे प्रीपेड ग्राहकों की सेवा गुणवत्ता प्रभावित होती है।
सूत्रों के मुताबिक, संसद की संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी समिति द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण के जवाब में कंपनी ने कहा है कि 5जी नेटवर्क स्लाइसिंग (नेटवर्क को अलग-अलग आभासी हिस्सों में विभाजित करने की तकनीक) के आधार पर दी जा रही यह सेवा देश में 6जी प्रौद्योगिकी की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
कंपनी ने अपने जवाब में कहा, “प्रायोरिटी पोस्टपेड सेवा पूरी तरह से सामग्री-निरपेक्ष ढंग से लागू की गई है और यह भारतीय दूरसंचार विनियामक ढांचे के अनुरूप है। इसमें किसी प्रकार की अवरोध, गति में कमी, सामग्री-आधारित प्राथमिकता, मुफ्त डेटा या किसी विशेष ऐप को तरजीह नहीं दी जाती।”
भारती एयरटेल ने यह सेवा 19 मई को शुरू की थी, जिसके तहत भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पोस्टपेड ग्राहकों को स्थिर और बेहतर गति देने का दावा किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने कहा कि यह सुविधा किसी अन्य ग्राहक की सेवा गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करती है।
इस संबंध में टिप्पणी के लिए एयरटेल को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला है।
एयरटेल की वर्तमान में कुल 5जी क्षमता उपयोग लगभग 38 प्रतिशत है, जिसमें पोस्टपेड ट्रैफिक केवल चार प्रतिशत है, जो इस सुविधा के बाद लगभग छह प्रतिशत तक जा सकता है।
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