नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) सरकार ने दूरसंचार मंत्रालय के लिए परिव्यय को 38 प्रतिशत बढ़ाकर 73,990 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के लिए पूंजी निवेश में महत्वपूर्ण वृद्धि की जाएगी।
दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पीटीआई-भाषा को बताया कि बढ़ा हुआ आवंटन विभिन्न परियोजनाओं के लिए है। इसमें भारतनेट, स्पेक्ट्रम की लागत सहित बीएसएनएल की पूंजीगत आवश्यकताएं, नेटवर्क का विस्तार और आंतरिक जरूरतों को पूरा करना शामिल है।
मंत्री ने कहा कि हमने पिछले साल के 53,000 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान की तुलना में दूरसंचार पर आवंटन में बहुत अच्छी वृद्धि देखी है। अब हम 73,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं, जो लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि है।
दूरसंचार मंत्रालय और विशेष रूप से बीएसएनएल के लिए आवंटन बढ़ाने के बारे में पूछने पर सिंधिया ने कहा कि सरकार बीएसएनएल को लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने आपको बताया था कि हमारा प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) नौ प्रतिशत बढ़कर 90 रुपये से लगभग 99 रुपये हो गया है। हम जल्द ही तीन अंक को छूना चाहेंगे। हमने अपने सभी कार्यक्षेत्रों में राजस्व बढ़ाया है और अब हमें अपने आंतरिक नकदी प्रवाह के साथ इस पूंजीगत व्यय की आवश्यकता है ताकि हम बीएसएनएल को पुनरुत्थान की राह पर ले जा सकें।’’
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बजट में ग्रामीण ब्रॉडबैंड परियोजना ‘भारतनेट’ के लिए भी धनराशि शामिल है।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए आवंटन में भी उछाल आया है, जो 4,495 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से बढ़कर 6,800 करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि है।
भाषा पाण्डेय अजय
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